बढ़ते अपराध पर सीएम नीतीश सख्त कहा पुलिस अफसर लापरवाही न बरतें बढ़ाएं पेट्रोलिंग

2019-06-08T11:20:55Z

सूबे में बढ़ते अपराध से सरकार की चिंता बढ़ गई है अपराध पर लगाम लगाने के लिए सीएम नीतीश कुमार ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक की

-विधि-व्यवस्था व अपराध की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

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PATNA : सूबे में बढ़ते अपराध से सरकार की चिंता बढ़ गई है. अपराध पर लगाम लगाने के लिए सीएम नीतीश कुमार ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक की. मुख्य सचिव, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव व डीजीपी सहित अन्य पुलिस अफसर मौजूद रहे. विधि-व्यवस्था और अपराध की स्थिति की समीक्षा करते हुए सीएम ने पुलिस पेट्रोलिंग को लेकर सख्त हिदायत दी. इस कार्य के लिए उच्च स्तर पर जवाबदेही भी तय की गई. सीएम ने कहा कि हर जगह दिखनी चाहिए पुलिस. पुलिस पेट्रोलिंग की संख्या को बढ़ाएं. गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री की बैठक में हुए निर्णयों की जानकारी दी.

बड़े अधिकारी करेंगे पेट्रोलिंग की जांच

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पुलिस पेट्रोलिंग में लापरवाही की जांच उच्च स्तर के अधिकारी करें. इस क्रम में रेंज डीआइजी को यह जवाबदेही दी गई कि 30 दिन में तीन दिन, एसपी चार दिन और डीएसपी पांच दिन पुलिस पेट्रोलिंग की जांच करेंगे. डीजीपी ने कहा कि पटना के लिए माइक्रो लेवल पर योजना तैयार की जा रही है. पुलिस पेट्रोलिंग वाले वाहन में जीपाएस लगाया जा रहा है.

लापरवाह अधिकारियों की पहचान को कैंप करेंगे आला अधिकारी

मुख्यमंत्री की बैठक में तय हुआ लापरवाह पुलिसकर्मियों व अफसरों को चिन्हित किए जाने को ले आला पुलिस अधिकारी फील्ड में कैंप करेंगे. आइजी स्तर के अधिकारी महीने में दस दिनों तक अपने से संबद्ध अनुमंडल पुलिस मुख्यालय में कैंप करेंगे. निरीक्षण के दौरान उन्हें वहां रात्रि विश्राम कर पूरी व्यवस्था देखनी है. केस क्यों लंबित है और कौन लापरवाह है यह देखना है. वहीं डीआइजी को महीने में दस दिन अंचल मुख्यालय में कैंप करना है. एसपी और डीएसपी को यह सूची बनानी है कि कौन पुलिस कर्मी लापरवाह है अपने काम के प्रति. काम नहीं करने वाले को फील्ड से हटाकर दूसरे काम में लगाया जाएगा. वैसे 20 एसडीपीओ की सूची मिल भी गई है.

अनुसंधान के लंबित मामलों को सुलझाने के लिए अतिरिक्त डीएसपी

पुलिस मुख्यालय के मुताबिक सूबे के थानों में 1.40 लाख मामले लंबित हैं. चार साल में लंबित मामलों की संख्या कई गुणा बढ़ गई है. सुपरविजन रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाने की वजह से मुकदमा आगे नहीं बढ़ रहा. इस पर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में फैसला लिया गया कि वैसे सभी एसडीपीओ जिनके यहां लंबित मामले अधिक हैं, के अधीन एक डीएसपी स्तर के अधिकारी अनुसंधान का काम संभालेंगे.

Posted By: Manish Kumar

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