फरवरी न पहना दे फुल स्वेटर

2019-02-08T06:00:59Z

-सुबह से आसमान पर बादलों का डेरा, तेज हवा के साथ हल्की फुहारें

-जनवरी में नहीं पड़ी कड़ाके की ठंड, अब फरवरी में ठंड बढ़ने के संकेत

prayagraj@inext.co.in

PRAYAGRAJ: एक ओर अमेरिका भयावह ठंड से परेशान है। वहां पारा माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है और इसके माइनस 70 डिग्री तक जाने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। वहीं भारत में पूरा नार्थ इंडिया इस बार जनवरी में कड़ाके की ठंड से अछूता रहा है। इस बार अभी तक न तो जोरदार सर्दी पड़ी है और न ही घना कोहरा दिखा है। अब फरवरी में मौसम पलटने के पूरे संकेत मिल रहे हैं।

मौसम विभाग ने जारी किया एलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में मौसम बदलने का एलर्ट जारी किया है। इसमें तूफान के साथ बारिश की संभावना प्रकट की गई है। गुरुवार की सुबह से यह भविष्यवाणी सही साबित होती दिखी। सुबह के समय तेज हवाओं ने दस्तक दी और आसमान पर घने बादलों का डेरा देखने को मिला। इसके साथ हल्की बारिश भी हुई। पूरे दिन घने बादलों के बीच नम हवाएं बहती रहीं। इससे लोगों को ठंडक का एहसास होने लगा। जो घरों से हल्के कपड़े पहनकर निकले थे, उन्हें ठंड ने खूब परेशान किया।

चिंता की बात एक्सट्रीम वेदर कंडीशन

मौसम के जानकारों का कहना है कि पश्चिमी हिमालय में वेस्टर्न डिस्टर्बेस हुआ है। इससे तेज हवाओं के साथ बारिश की पूरी संभावना बनी हुई है। इसका मौसम पर प्रभाव केवल दो दिन देखने को मिलेगा। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में आटोमेटिक वेदर सेंटर के प्रोफेसर शैलेन्द्र राय ने कहा कि अभी तक ट्रेड रहा है कि जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है और घना कोहरा भी होता है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। क्लाईमेट चेंज के कारण एक्सट्रीम वेदर कंडीशन चिंता की बात है।

यह मौसम में बड़े परिवर्तन का संकेत है। वसंत पंचमी के आसपास से मौसम साफ होना शुरु होता है और धीरे धीरे गर्मी की शुरुआत होने लगती है। लेकिन जो परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उससे अभी जोरदार ठंड के पलटवार के संकेत मिल रहे हैं।

प्रो। शैलेन्द्र राय, आटोमेटिक वेदर सेंटर इलाहाबाद यूनिवर्सिटी


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