बीसीबी और साहूराम लापता आरयू ने लिस्ट कर दी अपलोड

2019-06-23T06:01:00Z

यह भी जानें

-20 जून को लैटर भेज दिया गया था आदेश

- 27 जून तक सूचना विभाग के मेल आइडी पर लिस्ट करनी थी अपलोड

-30 जून तक मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पोर्टल पर लिस्ट करनी थी अपलोड

-मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने रूसा के पोर्टल पर डाटा अपलोड का दिया था निर्देश

-आरयू प्रशासन द्वारा अपलोड किए डाटा में बीसीबी और साहूराम कॉलेज के टीचर्स की लिस्ट नहीं

बरेली: आरयू संबद्ध कॉलेजेज के टीचर्स लिस्ट से बरेली कॉलेज और साहूराम स्वरूप महिला महाविद्यालय गायब हैं। आरयू ने वेबसाइट पर जो सूची अपलोड की है उससे तो यही साबित होता है कि यह दोनों कॉलेज आरयू से संबद्ध नहीं हैं। वहीं लिस्ट में दोनों कॉलेजों का नाम अपलोड न होने से परेशान कॉलेजेज के टीचर आरयू के चक्कर लगा रहे हैं। वे आरयू से पूछ रहे हैं कि क्या उनका कॉलेज उनसे संबद्ध नहीं है। अगर है तो लिस्ट में नाम क्यों नहीं है। वहीं आरयू गलती होने पर भी आरयू प्रशासन गलती मानने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि अभी टाइम है, लिस्ट फिर से अपलोड की जाएगी।

30 जून तक करना था अपलोड

उच्चशिक्षा निदेशक डॉ। प्रीती गौतम ने 20 जून के लिए एक पत्र सभी विवि, महाविद्यालय, सहायता प्राप्त, अशासकीय महाविद्यालय व स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के लिए भेजा। इसमें फैकल्टी से संबंधित डाटा 30 जून तक मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पोर्टल http//nherc.in पर अपलोड करने का आदेश था। किसी समस्या के लिए रूसा के मोबाइल नम्बर पर भी संपर्क करने की भी बात कही थी। पोर्टल पर फैकल्टी से संबंधित डाटा अपलोड करते हुए सूचना निदेशालय के ई-मेल आइडी nhercdheup@gmail.com पर 27 जून तक अपलोड कराने का आदेश दिया गया था।

अनुमोदित की देनी थी लिस्ट

आरयू ने वेबसाइट पर जो लिस्ट जारी की है उसमें अशासकीय और स्ववित्तपोषित कॉलेज के अनुमोदित टीचर्स की लिस्ट अपलोड करनी थी। लेकिन जो लिस्ट जारी की गई है उसमें शहर के बरेली कॉलेज और साहूराम स्वरूप महिला महाविद्यालय का नाम ही गायब है। इसको लेकर बरेली कॉलेज और साहूराम स्वरूप महिला महाविद्यालयों के टीचर्स में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

नहीं कर सकेंगे फर्जीवाड़ा

ज्ञात हो कई बार एक शिक्षक का दूसरे कॉलेजेज में भी अनुमोदन करा लेता था। लेकिन डाटा वेबसाइट पर अपलोड होने से कोई शिक्षक फर्जीवाड़ा नहीं कर सकेगा। फर्जीवाड़ा करने की कोशिश भी करने वाले शिक्षक को अपलोड डाटा से पहचाना जा सकेगा। इससे दो जगह अनुमोदन कराने वाले शिक्षक भी पकड़ में आ सकेंगे।

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-टीचर्स की जो डिटेल्स वेबसाइट पर अपलोड करने का काम था उसके लिए अभी समय है। किसी कॉलेज का नाम छूट गया है तो वह अभी लिस्ट में करेक्शन हो सकता है।

डॉ। राजेश प्रकाश, रीजनल हायर एजुकेशन आफिसर


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