डाटा अपलोड न करने वाले कॉलेज नहीं बनेंगे सेंटर

2018-11-23T06:00:14Z

एक रूम में दो सीसीटीवी कैमरे लगेंगे जिसमें आडियो व वीडियो हो

परीक्षा केन्द्र के मेन गेट पर कक्ष निरीक्षकों का पूरा विवरण चस्पा होगा

KANPUR: डिग्री कॉलेजों में डाटा एआईएसएचई के पोर्टल पर अपलोड नहीं होगा उन्हें किसी भी सूरत में सेंटर नहीं बनाया जाएगा। नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए डिग्री कॉलेजों के परीक्षा कक्ष में दो- दो कैमरे लगाए जाएंगे। एक कैमरा आगे की तरफ और दूसरा कैमरा पीछे की तरफ लगाया जाएगा। अब इमला बोलने वाले सिस्टम को तोड़ निकाला गया है। वीडियो के साथ ऑडियो सिस्टम भी लगाना होगा ताकि आसानी से चेक किया जा सके कि कहीं इमला बोलकर नकल तो नहीं कराई गई है।

गुरू जी का विवरण मेन गेट पर लगेगा

पहली बार परीक्षा केन्द्रों के मेन गेट पर किस सब्जेक्ट की परीक्षा है और कौन से टीचर परीक्षा करा रहे हैं। उक्त टीचर्स का पूरा डाटा व फोटो मेन गेट पर ही सेंटर इंचार्ज को लगाना होगा। अगर सेंटर इंचार्ज ने लापरवाही की तो सख्त एक्शन लिया जाएगा। जिन महाविद्यालयों को सेंटर बनाया जाएगा वहां की ग‌र्ल्स स्टूडेंट्स को स्वकेन्द्र की सुविधा दी जाएगी। परीक्षा केन्द्र के चारो तरफ दीवाल होनी चाहिए यही नहीं मेन गेट लोहे का होना चाहिए।

8 किमी के दायरे में होगा परीक्षा केन्द्र

गवर्नमेंट डिग्री कॉलेजों के साथ साथ अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स की परीक्षा कराई जाए। परीक्षा केन्द्रों में सचल दल के साथ पर्यवेक्षक मूवमेंट कर सकेंगे। इसके अलावा किसी को भी सेंटर में अन्दर जाने इजाजत नहीं होगा। किसी भी कॉलेज के ओपन एरिया या फिर टेंट लगाकर परीक्षा किसी भी सूरत नहीं कराई जाएगी। परीक्षा केन्द्र की अधिकतम दूरी 8 किलोमीटर होनी चाहिए। इससे अधिक दूरी होने पर परीक्षा केन्द्र चेंज किया जा सकता है। दिव्यांग स्टूडेंट्स का सेंटर स्वकेन्द्र होगा अगर कॉलेज सेंटर है अगर नहीं है तो सबसे पास वाले सेंटर में उनकी परीक्षा कराई जाएगी।


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