एसिड अटैक से मृत युवती के परिजनों को दस लाख

2015-08-22T07:00:47Z

- यूपी रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष के तहत दी जाएगी आर्थिक राशि

- मेरठ से चार एसिड अटैक से पीडि़त महिलाओं को मिलेंगे 3 से 10 लाख रुपए

- 29 को हुए एसिड अटैक हमले में एक ही परिवार से थी चारों महिलाएं, एक की हुई मौत

Meerut : 29 जून की रात को शौकीन गार्डन में चार महिलाओं पर एसिड फेंकने के मामले को कौन भूला सकता है। इसमें एक महिला की मौत भी हो गई थी। शासन की ओर से इन चारों को यूपी रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष के तहत सहायता राशि देने फैसला किया है। अब एडमिनिस्ट्रेशन के ऑफिसर इस पूरे प्रक्रिया की औपचारिकता पूरी करने में जुट गए हैं।

3 से 10 लाख की राशि

इस घटना के बाद उजमा (20) नाम की महिला पूरी तरह से झुलस कर मर गई थी। इसलिए उसके परिजनों को 10 लाख रुपए की राशि दी जाएगी। वहीं छोटी बहन निशा(16), दूसरी छोटी बहन तरन्नुम(22) और मां मिस्कीना(44) को 3-3 लाख रुपए देने की घोषणा की गई है। इस योजना एडमिन की ओर से बनाए गए नोडल ऑफिसर डीपीओ पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि इस पूरे मामले की सभी तरह फॉर्मेलैटीज पूरी करने की शुरुआत कर दी गई है।

ऑनलाइन होती है फीडिंग

पुष्पेंद्र सिंह ने बताया ने बताया कि यूपी सरकार की ओर से इस योजना की शुरुआत फरवरी 2015 में की गई थी। जिसके तहत मेरठ से अभी 3 केसों में सहायता राशि दी चुकी सकी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत हीनियस क्राइम से पीडि़त जैसे एसिड अटैक, दहेज हत्या, सामूहिक बलात्कार, बलात्कार, पोक्सो एक्ट के तहत पीडि़त महिलाओं को आर्थिक मदद दी जाती है। वहीं पुलिस डिपार्टमेंट की ओर से इन मामलों की ऑनलाइन फीडिंग का काम एसपी ट्रैफिक को दिया गया है।

आवेदन की जरुरत नहीं

पुष्पेंद्र सिंह की मानें तो एसिड अटैक के केसों में आर्थिक सहायता के लिए आवेदन करने की भी जरुरत नहीं होगी। इसमें एफआईआर की कॉपी से ही काम चल जाएगा। सीएमओ या मेडिकल या महिला हॉस्पिटल में जांच होने के बाद सीएमओ, डीएम और एसएसपी के साइन होंगे। फिर उसे लखनऊ शासन को भेज दिया जाएगा। वहीं से डायरेक्ट उनके अकाउंट में रुपये पहुंच जाएंगे। सहायता राशि जलने की फीसदी पर तय किया जाएगा।

चारों महिलाएं एक ही फैमिली से हैं। औपचारिकता पूरी करने पर काम शुरू हो गया है। रिपोर्ट लखनऊ भेजी जाएगी। उसके बाद उनकी राशि उनके अकाउंट में पहुंच जाएगी।

- पुष्पेंद्र सिंह, डीपीओ


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