दो कैटल कॉलोनी से सुधरेगी हालत

2019-06-30T06:00:15Z

अलीपुर जिजमाना के अलावा रैसना गांव में बनेगी कैटल कॉलोनी

सीलिंग की भूमि पर होगा कैटल कॉलोनी का निर्माण, बोर्ड बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव

Meerut। मेरठ विकास प्राधिकरण मेरठ में दो कैटल कॉलोनियों को विकसित करेगा। अलीपुर जिजमाना के अलावा एक अन्य गांव रैसना में प्राधिकरण ने सीलिंग की जमीन में कैटल कॉलोनी को विकसित करने का प्लान बनाया है। एमडीए ने दोनों साइट्स का सर्वे करा लिया है और लेआउट भी तैयार कर लिया है। प्रस्तावित बोर्ड बैठक की मंजूरी के बाद दोनों साइट्स पर कैटल कॉलोनी को विकसित करने का कार्य प्राधिकरण आरंभ कर देगा।

शिफ्ट होंगी डेयरियां

मेरठ में हाईकोर्ट के आदेश के बाद डेयरियों को शहर से बाहर किया जा रहा है। वहीं डेयरियों के पुनर्वासन के लिए कैटल कॉलोनियों को विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। शासन के निर्देश पर मेरठ विकास प्राधिकरण कैटल कॉलोनियों को विकसित कर रहा है तो वहीं प्रथम चरण में दो स्थानों पर जमीन का चयन कर लिया गया है। एमडीए वीसी राजेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि अल्लीपुर जिजमाना और रैसना गांव में सीलिंग की जमीन पर कैटल कॉलोनी को विकसित किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर आगामी बोर्ड बैठक में रखा जा रहा है।

एक नजर में

ग्राम अल्लीपुर जिजमाना

खसरा नंबर-275

एरिया-27119.48 वर्ग मीटर

ग्राम रैसना

खसरा नंबर-77

एरिया-10293.84 वर्ग मीटर

खसरा नंबर-115

एरिया-9320 वर्ग मीटर

सीलिंग की है भूमि

प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने बताया कि यह भूमि सीलिंग की है और प्राधिकरण इसका केयर टेकर है। बोर्ड की मंजूरी के बाद जिला प्रशासन के साथ आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद कैटल कॉलोनी को विकसित करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। नगर निगम की सूची के अनुसार कैटल कॉलोनी में डेयरी संचालकों को प्लाट्स का आवंटन किया जाएगा।

मेरठ में अल्लीपुर जिजमाना और रैसना गांव में सीलिंग की जमीन पर कैटल कॉलोनी को विकसित करने की योजना है। आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को रखा जाएगा। बोर्ड की अनुमति के बाद कार्ययोजना बनाकर कैटल कॉलोनियों को विकसित किया जाएगा।

राजेश कुमार पाण्डेय, उपाध्यक्ष, मेरठ विकास प्राधिकरण

177 डेयरियों को ही हटा सका निगम

30 जून तक निगम को हाई कोर्ट में डेयरियों की रिपोर्ट के साथ प्रस्तुत होकर डेयरियों की स्थिति का ब्यौरा देना है, लेकिन निगम के पूरे माह के प्रयास के बाद भी निगम शहर से केवल 177 डेयरियों को ही बाहर करने में सफल हो पाया है। ऐसे में निगम अब कोर्ट से डेयरी हटाए जाने के लिए अतिरिक्त समय की मांग करने जा रहा है। नगर निगम ने अपनी रिपोर्ट में डेयरी अभियान की जानकारी के साथ डेयरियों को बाहर शिफ्ट करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है।

ये है स्थिति

1104 डेयरी संचालकों को शहर सीमा से बाहर जाने के निगम ने जारी किए थे नोटिस

1015 डेयरी संचालकों के आवेदन आए कैटल कॉलोनी के लिए

12 जून से निगम ने शुरु किया डेयरी हटाने का अभियान

30 जून तक 177 डेयरियां और 3506 पशु शहर से हुए बाहर

12 से अधिक डेयरी संचालकों के खिलाफ हुई एफआईआर

कोर्ट द्वारा दी गई नियत अवधि में डेयरी हटाने का काम पूरा नही हो सका है, लेकिन काफी हद तक हमने डेयरियों को शहर से बाहर कर दिया है और यह काम जारी है। इसलिए हम कोर्ट से अतिरिक्त समय की मांग करेंगे।

गजेंद्र सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी


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