केजरीवाल के बोल और कांग्रेसी विधायक का हंगामा

2014-01-30T17:04:00Z

दिल्ली सरकार के एक महीना पूरा होने पर प्रेस वार्ता कर रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की वार्ता में कांग्रेस के एक विधायक ने उन पर दिल्ली की जनता को धोखा देने सहित कई अन्य आरोप लगाए

ओखला से कांग्रेस विधायक आसिफ मोहम्मद खान ने साल 2008 की बटला हाउस मुठभेड़ की एसआईटी जांच की मांग करते हुए केजरीवाल का विरोध किया.
यह प्रेस कांफ्रेंस दिल्ली सचिवालय में बुलाई गई थी. हंगामा तब शुरू हुआ जब केजरीवाल ने पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे.

एक सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा कि सरकार बटला मुठभेड़ की जांच के लिए एसआईटी नहीं बनाएगी. इसी समय विधायक आसिफ मोहम्मद खान खड़े हो गए और आप के खिलाफ नारे लगाने लगे.
केजरीवाल ने कहा था कि अदालत इस मामले में पहले ही फैसला सुना चुकी है हम अदालत के आदेश का सम्मान करते हैं. हम इस मामले की जांच के लिए एसआईटी नियुक्त नहीं करने जा रहे.
मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने विधायक को रोकने की कोशिश की लेकिन वो नारे लगाते रहे.

'आप का समर्थन नहीं करूंगा'

विधायक आसिफ मोहम्मद ख़ान ने कहा, 'मैं 'आप' सरकार का समर्थन नहीं करूंगा, चाहे कांग्रेस मुझे पार्टी से निकाल दे. मैं विधानसभा में केजरीवाल के खिलाफ वोट करूंगा.''
दिल्ली सरकार ने बुधवार को ही वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगे की एसआईटी जांच की उपराज्यपाल से सिफारिश की थी.
आसिफ मोहम्मद ख़ान ने कहा कि वो किसी भी विधायी कामकाज में 'आप' सरकार का समर्थन नहीं करेंगे. भले ही कांग्रेस उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करे, लेकिन उन्हें उसकी परवाह नहीं है.
पिछले साल एक निचली अदालत ने बटला हाउस मुठभेड़ कांड में इंडियन मुजाहिदीन चरमपंथी समूह से जुड़े शहजाद अहमद को दोषी ठहराया था और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी.
आसिफ ने आम आदमी पार्टी पर दिल्ली की जनता को धोखा देने का आरोप लगाया.
आसिफ ने बटला हाउस मुठभेड़ मामले में जांच की मांग की और कहा कि इस मामले में भी एसआईटी जांच कराई जाए.
उन्होंने कहा, ''दिल्ली की जनता से केजरीवाल झूठ बोल रहे हैं. केजरीवाल वर्ष 1984 के सिख दंगों पर राजनीति कर रहे हैं लेकिन मुस्लिमों से उन्हें कोई सरोकार नहीं है.''
उन्होंने आम आदमी पार्टी पर मुस्लिम समुदाय के साथ दोहरे मानदंड अपनाने का भी आरोप लगाया.

राजनीतिक नियुक्तियाँ

इससे पहले प्रेस कॉन्फ़्रेंस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बरखा सिंह के मामले पर कहा कि जितनी भी नियुक्तियां राजनीतिक मंशा से हुई हैं उन्हें हटाया जाएगा.
केजरीवाल ने कहा कि बरखा सिंह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं. वो कैसे स्वतंत्र रहकर काम कम सकती हैं? उनके काम में राजनीतिक पुट तो आएगा ही.
केजरीवाल ने कहा कि एक महीने में सरकार ने बिजली, पानी, भ्रष्टाचार से लेकर तमाम मुद्दों पर कार्रवाई की है.
पानी के मीटर की चेकिंग के लिए दो एजेंसियों की सहायता ली जा रही है और यदि किसी को मीटर जांच करानी हो तो वो उसकी जांच ज़रूर की जाएगी.
पिछले दिन रैन-बसेरे में ठंड से हुई मौतों पर स्पष्टीकरण देते हुए केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में जितने रैन-बसेरे हैं वो केवल 17-18 हजार लोगों के लिए ही पर्याप्त हैं.
उन्होंने कहा कि एक महीने में दिल्ली सरकार ने दर्जनों नए रैन-बसेरे बनाए लेकिन ये नाकाफ़ी हैं और आने वाले समय में और रैन-बसेरे बनाए जाएंगे.
लोकपाल बिल के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अगली कैबिनेट मीटिंग में इस संबंध में प्रस्ताव लाया जाएगा.



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