किसके सिर बंधेगा सिल्ली का ताज

2014-12-09T07:00:11Z

RANCHI : सिल्ली का ताज इस बार किसके सिर बंधेगा, इसका फैसला 9 दिसंबर को मतदाता करेंगे। 2009 की तरह इस बार भी आजसू सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो और जेएमएम उम्मीदवार अमित महतो के बीच मुख्य मुकाबला है। अंतर सिर्फ इतना है कि अमित महतो पिछली बार जेवीएम की टिकट पर चुनाव लड़े थे और इस बार जेएमएम से चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं। 2009 के चुनाव में आजसू सुप्रीमो ने मात्र 7707 मतों से जीत हासिल की थी। इस चुनाव में बीजेपी के साथ गठबंधन होने से से आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो के हौसले बुलंद हैं। दूसरी तरफ हेमंत सरकार के कामकाज और अपनी छवि की बदौलत अमित महतो को भी भरोसा है कि जनता इस बार उन्हें विधायक बनने का मौका देगी।

हटिया है हॉट सीट

हटिया सीट का पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय कई बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। बीजेपी के रामजी लाल शारडा के पास भी यह सीट रही है। कांग्रेस विधायक युवराज गोपालशरण नाथ शाहदेव के निधन के बाद निधन 12 जून 2012 को हटिया सीट के लिए उपचुनाव हुआ था। उपचुनाव में जेवीएम उम्मीदवार अजयनाथ शाहदेव को 11558 मतों से हराकर आजसू के नवीन जायसवाल पहली बार विधायक बने। बीजेपी उम्मीदवार रामजीलाल शारडा तीसरे स्थान पर रहे थे, जबकि कांग्रेस के सुनील सहाय की जमानत जब्त हो गई थी। आजसू पार्टी के लिए हटिया की यह जीत बहुत बड़ी जीत थी, क्योंकि परंपरागत रूप से यह सीट कांग्रेस और बीजेपी की थी। हालांकि, इस चुनाव में आजसू के साथ गठबंधन के बाद बीजेपी के खाते में यह सीट चली गई। इससे नाराज मौजूदा विधायक नवीन जायसवाल जेवीएम से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि बीजेपी ने सीमा शर्मा, जेएमएम ने मारवाड़ी कॉलेज के प्रिंसिपल रहे डॉ जावेद अहमद और कांग्रेस ने आलोक दूबे को उम्मीदवार बनाया है। इन उम्मीदवारों के बीच ही इस सीट पर मुख्य मुकाबला है।


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