Corona In Lucknow: कोरोना को मैंने हराया, आप से भी हारेगा, सुनिए कोरोना विनर की कहानी

Corona In Lucknow Update:कोरोना को मात देकर घर जाने वाले कैफ अली ने दिखाया जज्बा। अगर कोई संदेह है तो डॉक्टर को दिखाएं इससे भागे नहीं।

Updated Date: Thu, 09 Apr 2020 10:48 PM (IST)

LUCKNOW (9 April): Corona In Lucknow Update:जब मेरी कोरोना इंफेक्शन की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो घरवालों ने हिम्मत बढ़ाते हुए कहा, घबराने की जरूरत नहीं है, हम सबकी दुआएं तुम्हारे साथ हैं। देखना तुम जल्द ठीक होकर आ जाओगे। यकीन मानिए, आज मैं जो कोरोना से पूरी तरह ठीक होकर घर आ गया हूं, वह मेरे परिवार की दुआओं और डॉक्टर्स की मेहनत का ही नतीजा है। कोरोना से जंग के जीतने के बाद अब मैं पहले से कहीं अधिक मेंटली स्ट्रॉन्ग हो गया हूं। यह कहना है राजधानी लखनऊ के कैफ अली आब्दी का जो कनाडा से आई अपनी रिश्तेदार महिला डॉक्टर के संपर्क में आने से कोरोना का शिकार हो गए थे। अब वह कोरोना से पूरी तरह ठीक होकर घर पर क्वारंटाइन पीरियड बिता रहे हैं। कोरोना जैसी महामारी को हराने वाले इस corona fighter से दैनिक जागरण आईनेक्स्ट रिपोर्टर अनुज टंडन ने बात की।

रिश्तेदार को था कोरोना

बीबीए की पढ़ाई कर रहे कैफ ने बताया कि मेरे एक रिश्तेदार को कोरोना का संक्रमण हुआ था। इसके बाद 13 मार्च को उनका सैंपल लिया गया और रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें 14 मार्च को केजीएमयू में भर्ती किया गया। हम दोनों का इलाज केजीएमयू में एक साथ हो रहा था। मेरी परिजन पहले ठीक होकर वापस आ गईं थीं। वे हमेशा मुझे समझाती रहतीं थीं कि हिम्मत से काम लो, उनकी इस सलाह से मुझे इस बीमारी को हराने में काफी मदद मिली। पूरे ट्रीटमेंट के दौरान मैंने कभी यह नहीं सोचा कि मैं कहां इस बीमारी के चक्कर में फंस गया।

दोस्तों ने भी बढ़ाया हौसला

कैफ ने बताया कि ट्रीटमेंट के शुरुआती दिनों में दिन काटना ही मुश्किल हो जाता था, लेकिन धीरे-धीरे सब नॉर्मल हो गया। दिनभर परिजनों के साथ ही दोस्तों के फोन आते रहते थे। दोस्त मुझे खूब हंसी-मजाक करते थे, वे कभी मुझसे मेरी बीमारी के बारे में पूछते ही नहीं थे। वे नहीं चाहते थे कि इस बीमारी को लेकर मैं कोई टेंशन लूं। वहीं परिजन हमेशा कहते, हौसला रखो, ज्यादा सोचो नहीं, तुम पूरी तरह ठीक हो।

डॉक्टर्स ने किया पूरा सपोर्ट

मैं करीब 25 दिन केजीएमयू में एडमिट रहा और डॉक्टर्स और कर्मचारियों ने मेरा पूरा ख्याल रखा। वहां खाना देने वाले स्टॉफ और सफाई करने वाले भी काफी सपोर्टिव हैं। ये सभी अब मेरे अच्छे दोस्त बन गए हैं। उन सभी के सपोर्ट और मोटिवेशन का नतीजा है कि आज मैं कोरोना जैसी बीमारी से ठीक हो गया हूं और पहले से ज्यादा पॉजिटिव सोच वाला बन गया हूं।

पढ़ाई भी जारी रखी

जब कैफ से पूछा गया कि ट्रीटमेंट के दौरान खुद को बिजी कैसे रखते थे तो उन्होंने बताया कि वहां मैं अपनी पढ़ाई तो करता ही था, साथ ही मोबाइल पर मूवी और वेब सीरीज भी देखता था। नमाज भी पढ़ता था और खुद को पॉजिटिव रखने के लिए डेली थोड़ी बहुत एक्सरसाइज भी करता था।

डरें नहीं, मानें डॉक्टर की बात

कैफ ने बताया कि कोरोना को हराने के बाद मैं मेंटली बहुत स्ट्रॉन्ग हो गया हूं। हर चीज को पॉजिटिव तरीके से देख रहा हूं। मैं दूसरों से बस यही कहूंगा कि कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है, अगर मैं इसे हरा सकता हूं तो आप भी इसे हरा सकते हैं। अगर आपके मन में कोरोना को लेकर संदेह है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, इससे भागें नहीं। डॉक्टर के ट्रीटमेंट पर भरोसा करते हुए इलाज कराएं। गवर्नमेंट जो गाइडलाइन जारी करती है, उसका पालन करें। याद रखें, सतर्कता और सावधानी ही इसका बचाव है।

वर्जन

कोरोना को हराने के बाद मैं मेंटली बहुत स्ट्रॉन्ग हो गया हूं। हर चीज को पॉजिटिव तरीके से देख रहा हूं। मैं दूसरों से बस यही कहूंगा कि कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है, अगर मैं इसे हरा सकता हूं तो आप भी इसे हरा सकते हैं। - कैफ अली

anuj.tandon@inext.co.in

Posted By: Chandramohan Mishra
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