इंटरनेट यूज कर रहे भारतीय हो जाएं सावधान, हैकर्स ने हैकिंग का बनाया है नया प्लाॅन

2020-05-02T15:20:45Z

इंडियन साइबर स्पेस में हैकर्स ने यूजर्स की निजी जानकारी जुटाने का नया तरीका अपनाया है। ये हैकर्स फर्जी ईमेल के जरिए यूजर्स से उनकी पर्सनल इंफॉर्मेशन जुटाते हैं फिर ब्लैकमेल कर पैसे मांगते हैं।

नई दिल्ली (पीटीआई)। देश की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी ने इंडियन इंटरनेट यूजर्स को फर्जी ईमेल से सावधान रहने को कहा है। एजेंसी का कहना है कि इन फेक ईमेल के जरिए हैकर्स यूजर्स वेबकैम के जरिए पर्सनल वीडियो रिकॉर्ड कर लेते हैं, फिर उन्हें ब्लैकमेल कर क्रिप्टो करेंसी के रूप में फिरौत मांगते हैं। कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ऑफ इंडिया (CERT-In) ने एक एडवाइजरी जारी की। जिसमें उन्होंने लिखा, 'अगर आपके पास nothing to worry टाइप के ईमेल्स आते हैं तो आपको पासवर्ड चेंज करने की जरूरत है। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लॉगिन करने से पहले पासवर्ड बदल लें।

सिक्योरिटी एजेंसी ने जारी की एडवाइजरी

एडवाइजरी में यह भी कहा गया कि, 'इस फेक ईमेल अभियान के तहत स्कैमर्स यूजर्स को एक मेल भेजते हैं जिसमें लिखा होता है कि आपका कंप्यूटर हैक कर लिया गया है। उसके बाद वे वेबकैम के जरिए आपके कंप्यूटर की सारी गतिविधि देख लेते हैं, यहां तक कि पासवर्ड भी। ये सभी ईमेल पूरी तरह से फेक होती हैं। CERT-In भारत की नेशनल टेक्नोलॉजी की एक शाखा है, जो साइबर हमलों और भारतीय साइबर स्पेस की रखवाली के लिए है।

चुराते हैं पर्सनल डेटा

हैकर्स किस तरह यूजर्स का पर्सनल डेटा चुराते हैं। इसको लेकर एजेंसी ने विस्तृत जानकारी दी है। एजेंसी के मुताबिक, सबसे पहले घोटालेबाज मेल में अपना पुराना पासवर्ड लिखकर यूजर्स का ध्यान खींचने की कोशिश करेंगे। इसके बाद वह आपके कंप्यूटर से जुड़ी जानकारी बताएंगे ताकि आपको लगे कि वह काफी स्किल्ड हैकर्स हैं। एजेंसी का यह भी कहना है कि, हैकर्स अडल्ट वेबसाइट पर मॉलवेयर प्लेस करते हैं ताकि यूजर जब कोई अडल्ट वेबसाइट खोले तो उसके वेबकैम और डिस्प्ले स्क्रीन को हैक किया जा सके। इसके बाद वे आपके मैसेंजर्स, फेसबुक और ईमेल से जानकारी चुरा लेते हैं।

क्रिप्टो करेंसी की करते हैं मांग

एजेंसी द्वारा जारी सलाह में कहा गया है कि एक बार यूजर्स का पर्सनल डेटा हैकर्स के पास पहुंच जाता है तो वे फिरौती की मांग करते हैं। घोटालेबाज फिर बिटकॉइन (क्रिप्टो करेंसी) के रूप में फिरौती की मांग करेंगे। स्कैमर या साइबर अपराधी यूजर्स के रिश्तेदारों, सहकर्मियों आदि को वीडियो भेजने की धमकी देंगे और फिरौती देने के लिए 24 घंटे की समय सीमा रखते हैं।

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari

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