रामशंकर कठेरिया के खिलाफ आचार संहिता का मुकदमा कोर्ट से खत्म

2019-05-01T10:05:55Z

अनुसूचित जाति/जन जाति प्रकोष्ठ के चेयरमैन रामशंकर कठेरिया के विरुद्ध आचार संहिता का मुकदमा समाप्त हो गया

विवेचना व आरोप पत्र विधि विरुद्ध पाया गया

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PRAYAGRAJ: विशेष कोर्ट एमपी एमएलए के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने अनुसूचित जाति/जन जाति प्रकोष्ठ के चेयरमैन रामशंकर कठेरिया के विरुद्ध आचार संहिता के उल्लंघन से सम्बंधित मुकदमा में दरोगा ज्ञान सिंह सिरोह की एफआईआर पर विवेचक की विवेचना त्रुटिपूर्ण पाए जाने पर मुकदमा की कार्यवाही समाप्त कर दी है.

मुकदमा तत्काल प्रभाव से समाप्त किए जाने योग्य है
जिला आगरा के थाना हरीपवर्त में 30 जून 2011 को वरिष्ठ पुलिस उपनिरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह सिरोह की मौखिक सूचना पर दर्ज हुई रपट पर विवेचक ने भादवि की धारा 188 में आरोप पत्र पेश किया. इस धारा में सम्बंधित न्यायालय को प्रसंज्ञान लेने का क्षेत्राधिकार प्राप्त नहीं है. कोर्ट में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अपने बहस एवं तर्क में कहा कि भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 का अपराध परिवादीय अपराध है तथा उपरोक्त अपराध में सम्बंधित अधिकारियों द्वारा परिवाद प्रस्तुत किए जाने का प्रावधान है. विवेचक दरोगा ने विधि विरुद्ध तरीके से मनमानी विवेचना कर आरोप पत्र प्रस्तुत किया तथा उससे बड़े पुलिस अधिकारियों ने भी विवेक का पालन नहीं किया. मुकदमा तत्काल प्रभाव से समाप्त किए जाने योग्य है.

मुकदमा समाप्त करने का आदेश पारित किया
अभियोजन पक्ष की ओर से ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी हरि ओंकार सिंह, राधाकृष्ण मिश्र, लालचंदन, सहायक शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार गुप्ता ने भी तर्क प्रस्तुत किया. उभयपक्ष की बहस एवं तर्क तथा पत्रावी में उपलब्ध तथ्यों व दण्ड प्रक्रिया संहिता में उल्लिखित प्राविधान के प्रकाश में यह पाया कि बचाव पक्ष के तर्क के आधार पर दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट के आधार पर की गई विवेचना एवं विवेचना के बाद प्रेषित आरोप पत्र तथा उस पर पारित संज्ञान आदेश विधि विरुद्ध है कोर्ट ने मुकदमा समाप्त करने का आदेश पारित किया.

जमानत पेश करने पर पूर्व विधायक छूटे
वहीं दूसरी ओर रामपुर जिले के पूर्व विधायक युसुफ अली ने छह मामलों में विशेष कोर्ट एमपी एमएलए में सरेंडर अर्जी दिया. विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में लेते हुए जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद जमानत की शर्तो को पूरा करने पर रिहा किए जाने का आदेश दिया. पूर्व विधायक के विरुद्ध रामपुर जिले के थाना कोतवाली रामपुर, तिलक खाना में आचार संहिता के उल्लंघन के छह मुकदमे दर्ज किए गए. जिसमें आरोप था कि दो जनवरी 2012, 22 फरवरी 2012 को चेकिंग के दौरान उनकी फोटो सहित होर्डिग व पोस्टर लगे थे. जिनमें मुद्रक व प्रकाशक का नाम नहीं था.


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