वाराणसी में कैंट थाने से चल रहा था गौ तस्करी का सिंडिकेट

2018-12-26T10:57:27Z

-एसटीएफ की जांच में दोषी पाए जाने पर एसएसपी ने सिपाही को किया सस्पेंड, बैठाई विभागीय जांच

-अधिकारियों के नाम पर गौ तस्करों से करता था पैसे की लेन-देन

VARANASI : गौ तस्करी पर सख्त सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश का असर बनारस में दिखना शुरू हो गया है। हाईवे पर गौ तस्करों का सिंडिकेट कैंट थाने में तैनात एक सिपाही की मिलीभगत से चल रहा था। भनक लगने पर एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने थाने के सिपाही अतिउल्लाह खां को गौ तस्करों से सांठगांठ में लिप्त पाए जाने पर मंगलवार को सस्पेंड कर दिया। विभागीय अधिकारियों के नाम पर इस पर गौ तस्करों से पैसा लेन-देन करने का आरोप लगने के बाद एसएसपी ने यह कदम उठाया। बर्खास्त सिपाही के खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी है।

कई अन्य भी घेरे में

इसके पूर्व सितंबर माह में मिर्जामुराद थाने के सिपाही हैदर का गौ तस्करों से बातचीत का आडियो वायरल होने के बाद उसे भी सस्पेंड कर जेल भेज दिया गया था। एक नवंबर 2018 को एसटीएफ की टीम ने गो मांस का अवैध व्यापार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया था, जिसमें अभियुक्त मोहम्मद आसिफ इलाही समेत कुल पांच पशु तस्कर गिरफ्तार किए गए थे। इनसे गिरोह के अन्य लोगों के बारे में जानकारी के लिए हुई पूछताछ में एसटीएफ को पता चला था कि सिपाही अतिउल्ला खां प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तरीके से गौ-तस्करों को सहयोग करता था। इसके एवज में पशु तस्कर इसे पैसा देते थे। अतिउल्लाह इस पैसे में से कुछ हिस्सा विभाग के कुछ अन्य पुलिसकर्मियों तक भी पहुंचाने का काम करता था। इसमें जो भी नाम सामने आए हैं उनके पर भी अब कार्रवाई की तलवार लटक रही है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.