जेल में रची जा रही बीएचयू में बवाल की साजिश

2019-07-21T11:00:33Z

-वर्चस्व व वसूली को लेकर बीएचयू में बडे़ बवाल की सुगबुगाहट,

-जिला जेल में बंद पूर्व छात्रों के इशारे पर बन रही योजना

पिछले कुछ दिनों से शांत चल रहे बीएचयू के माहौल को बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है। इस बार यह साजिश कैम्पस से नहीं बल्कि जिला जेल से रची जा रही है। साजिशकर्ता कोई और नहीं बल्कि कई बार बीएचयू का माहौल बिगाड़ चुके गौरव सिंह हत्याकांड के आरोपी पूर्व छात्र हैं। ऐसी जानकारी एलआईयू और पुलिस को मिली है। शुक्रवार को एलडी गेस्ट हाउस के पास बिरला हॉस्टल के तीन छात्रों संग मारपीट साजिश का ही हिस्सा है। इस घटना को अंजाम दिया तीन पूर्व छात्रों संग एक दर्जन से अधिक युवकों ने। सुरक्षाकर्मी और छात्र जब तक जुटते तब तक आरोपी युवक बाइक से भाग निकले।

वसूली की दौड़ने लगी गाड़ी

बीएचयू में काउंसलिंग खत्म होने के बाद एडमिशन का दौर शुरू है। इसके साथ ही हॉस्टल अलाटमेंट भी किया जा रहा है। इन सबके बीच वर्चस्व को लेकर छात्र गुट एक्टिव हो गए हैं। इनके बीच बीएचयू में होने वाली अवैध वसूली की भी लड़ाई है। गौरव सिंह की हत्या के बाद पुलिस एक्टिव हुई तो सब कंट्रोल हो जाएगा लेकिन एक बार फिर अवैध वसूली की गाड़ी चलने लगी है। बीएचयू में चलने वाले निर्माण कार्यो से लेकर प्राइवेट एंबुलेंस और डायग्नोस्टिक व पैथालॉजी लैब संचालकों से हफ्ता, महीना बांध दिया गया है।

एलर्ट हुई सुरक्षा एजेंसिया

बीएचयू के माहौल को बेहतर बनाए रखने के लिए गंभीर पुलिस की पैनी नजर कैम्पस की हर घटना पर है। वसूली के मामलों की पड़ताल करने के लिए आरोपियों की तलाश में जुट गई है। गौरव सिंह हत्याकांड के बाद आधा दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी है। बीएचयू पुलिस चौकी पर तो आए-दिन छात्रों की तहरीर पहुंचती रहती है। शुक्रवार को लंका पुलिस में छात्रों ने तीन नामजद युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस घटना के बाद से सिक्योरिटी एजेंसियों को बीएचयू में बड़े बवाल की बूं आ रही है। इसी के मद्देनजर सभी को अलर्ट किया गया है।

शातिर अपराधी हैं जेल में

दो अप्रैल की रात वर्चस्व में हुई

बीएचयू छात्र गौरव सिंह की हत्या के आरोप में बीएचयू के ही पूर्व छात्र कुमार मंगलम, आशुतोष त्रिपाठी, रूपेश तिवारी, विनय जिला जेल में बंद है। पूर्व छात्र पवन मिश्रा के इशारे पर हत्या को अंजाम देने वाले बिहार के शूटर रावण व प्रोफेसर भी साथ में बंद है। इसके अलावा भी बीएचयू के चार और अन्य पूर्व छात्र भी अलग-अलग आपराधिक मामलों में जिला जेल में निरूद्ध है।


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