भूले 2013 स्टेशन पर श्रद्धालुओं को पेरा

2016-02-09T02:11:13Z

- जबर्दस्त दबाव के बाद भी मेला क्षेत्र से स्टेशन की ओर भेजी गई भीड़

- जंक्शन के साथ ही प्रयाग व सिटी स्टेशन पर जूझे स्नानार्थी

ALLAHABAD: माघ मेले के सबसे बड़े स्नान पर्व पर अनुमान से अधिक भीड़ देखते ही प्रशासन का ऐसा हाथ-पांव फूला कि वह कुंभ 2013 जैसा जघन्य हादसा भी भूल गया। क्राउड मैनेजमेंट की तैयारी पानी-पानी हो गई। इसके चलते स्नान के बाद लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ एक साथ रेलवे स्टेशन की ओर झोंक दी गई। इससे जंक्शन, प्रयाग व सिटी स्टेशन पर स्नानार्थियों को ठीक से पैर रखने की जगह नहीं मिली। भीड़ से सहमे रेल प्रशासन ने प्रयाग स्टेशन पर कई बार भीड़ को रोका। जीआरपी व आरपीएफ के जवानों को लगाकर भीड़ को कंट्रोल किया गया। इसके बाद भी ट्रेन आने पर भगदड़ की स्थिति बनी रही। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ।

रेलवे ने संभाला

2013 में अमावस्या पर 38 श्रद्धालुओं की मौत का दाग झेल चुका रेल प्रशासन इस बार पहले से एलर्ट था। रेलवे के एलर्टनेस का ही परिणाम था कि भारी भीड़ के बाद भी कोई हादसा नहीं हुआ। मौनी अमावस्या पर आई सवा करोड़ भीड़ में करीब 40 प्रतिशत से अधिक भीड़ का दबाव प्रयाग, सिटी व जंक्शन के स्टेशन पर रहा।

चलाई गई पांच स्पेशल ट्रेन

प्रयाग स्टेशन पर भीड़ का जबर्दस्त दबाव बढ़ने की उम्मीद रेलवे प्रशासन को पहले से ही थी। जिसे देखते हुए कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव जहां प्रयाग स्टेशन पर बढ़ाया गया था। वहीं प्रयाग से फैजाबाद के लिए पर डे चलने वाली दो ट्रेनों के अलावा पांच अतिरिक्त कोचों की व्यवस्था की गई थी। ताकि भीड़ बढ़ने पर फैजाबाद के लिए रैक को रवाना किया जा सके। शाम करीब छह बजे जब सरयू एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पहुंची तो भीड़ टूट पड़ी। भीड़ को देखते हुए सरयू एक्सप्रेस रवाना करने के बाद फैजाबाद के लिए रैक को रवाना किया गया। जिससे भीड़ का दबाव कुछ कम हुआ

फैक्ट फाइल

- भीड़ को देखते हुए पल-पल की स्थिति पर रही जीआरपी व आरपीएफ के जवानों की नजर

- अधिकारी भी करते रहे निरीक्षण, सुरक्षा के लिए किए गए थे कई इंतजाम

- जंक्शन की और आने वाली ट्रैफिक को किया गया था डायवर्ट

- ऑटो व विक्रम को जंक्शन के मेन गेट तक आने की नहीं थी परमिशन

- सिविल लाइंस साइड से पैसेंजर्स की इंट्री की गई थी बैन

- हर गेट पर आरपीएफ व जीआरपी के जवान बैरिकेटिंग कर सुरक्षा में थे तैनात

- लेकिन भीड़ अधिक न होने पर दोपहर में सिविल लाइंस साइड गेट नंबर एक से पैदल पैसेंजर्स को दिन में जाने की दी गई परमिशन

-सिविल लाइंस साइड से इंट्री बैन होने की जानकारी न होने पर पैसेंजर्स को हुई काफी परेशानी, सामान लेकर जाना पड़ा सिटी साइड

जंक्शन पर किए गए थे ये इंतजाम

- रेलवे के सर्कुलेटिंग एरिया में केवल गेट नंबर चार से ही पैसेंजर्स को जाने दिया जा रहा था

- जंक्शन के बाहर व प्लेटफार्म पर इकट्ठा न होने पाए अधिक भीड़ इस पर जीआरपी व आरपीएफ के जवान लगातार रख रहे थे नजर

- पूछताछ काउण्टर पर लगाई गई थी लाइन, सिविल डिफेंस और जीआरपी के जवान लगातार रहे तैनात

- टिकट काउण्टर पर भी वरिष्ठ नागरिकों व अन्य लोगों के लिए लगाई गई थी अलग लाइन, लाइन को मेंटेन करने के लिए जीआरपी के जवान रहे तैनात

- दो दर्जन से अधिक टीटी, जीआरपी व आरपीएफ के जवान हैंड माइक लेकर लगातार एनाउंसमेंट करते दिखे


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