पूर्व प्रोफेसर के फिक्स डिपोजिट पर ले लिया 27 लाख का लोन

2019-06-05T11:17:19Z

पटना के साइबर सेल में प्रोफेसर ने की शिकायत। जालसाज पहले ओटीपी पूछ निकाल चुके हैं 5 लाख रुपए।

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PATNA : अगर आपने बैंक में फिक्स डिपोजिट करा रखा है तो समय-समय पर उसे चेक करते रहें कि कहीं आपके फिक्स डिपोजिट पर कोई लोन तो नहीं हो गया है। दरअसल पटना साइबर सेल के पास एक ऐसा ही अनोखा मामला आया है। एक रिटायर्ड प्रोफेसर के खाते से जालसाजों ने ओटीपी पूछकर पहले 5 लाख रुपए निकाले। इसके बाद उनके फिक्स डिपोजिट पर ही 27 लाख रुपए का लोन ले भी लिया। मामले को जानकर पुलिस भी जालसाजों के इस शातिराना तरीके पर हैरान है। पुलिस हर एंगल पर पड़ताल में जुटी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार मोतिहारी के एक शासकीय कॉलेज से हाल ही रिटायर्ड हुए प्रोफेसर होदा हसन ने एसबीआई में 27 लाख रुपए फिक्स किया था। इसके अलावा और रुपए उनके खाते में ही थे। एक दिन उनके पास एक फोन आया और फोन करने वाले ने कहा कि मैं बैंक से बोल रहा हूं। जानकारी मांगने पर रिटायर्ड प्रोफेसर ने अपने कार्ड और सीवीवी नंबर शेयर कर दिया। इसके बाद जालसाज ने उनके मोबाइल पर आया ओटीपी पूछा। उन्होंने ओटीपी भी बता दिया। इसके बाद में उन्हें पता चला कि उनके खाते से 5 लाख रुपए गायब हैं।


पेंशन भी उड़ा ले गए
खाते से रुपए गायब होने के बाद उन्होंने बैंक और पुलिस थाने में इसकी शिकायत की। मामले में अभी पुलिस जांच ही कर रही थी कि इसी दौरान प्रोफेसर के खाते में आए पेंशन के 60 हजार रुपए भी जालसाज बिना ओटीपी और पासवर्ड के खाते से निकाल लिए। राशि निकलने की सूचना के बाद वो तुरंत बैंक गए और शिकायत की।
लोन के मैसेज ने उड़ा दिए होश
रिटायर्ड प्रोफेसर के खाते से अब तक 5 लाख 60 हजार रुपए निकल चुके थे, लेकिन उन्हे धक्का तब लगा जब उनके फिक्स डिपोजिट पर जालसाजों ने 27 लाख रुपए का लोन ले लिया। उनके पास लोन जमा करने का मैसेज आया तो उनके तो होश ही उड़ गए। बार-बार में पुलिस थाने और बैंक के चक्कर लगा रहे थे लेकिन कहीं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। बाद में उन्होंने पटना के साइबर सेल यूनिट में शिकायत की तब जाकर मामले पर कार्रवाई शुरू हुई। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी हुई है।
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सावधान ! सुरक्षित नहीं है आपका एफडी
सुरक्षित माना जाने वाला फिक्स डिपॉजिट (एफडी)और म्युचुअल फंड भी अब साइबर अपराधियों के टारगेट पर आ गया है। देश के कुछ हिस्सों में ऐसी घटना हो चुकी हैं, जहां साइबर अपराधियों ने एफडी को ऑनलाइन तोड़ कर पैसे उड़ा दिए हैं। रिटायर्ड प्रोफेसर के फिक्स डिपोजिट पर लोन के बाद बैंक एक बार फिर सवालों के घेरे में है। साइबर एक्सपर्ट राजेश कुमार का मानना है कि बैंक में लगातार बढ़ रही आउट सोर्सिंग से इस तरह की घटनाएं हो रही हैं।
फ्रॉड कॉल से रहें सावधान
बैंकिंग से जुड़े किसी भी फ्रॉड से बचने के लिए सबसे पहले यह जान लें कि बैंक के नाम पर आने वाले कॉल से सतर्क रहें, कोई गोपनीय जानकारी फोन पर नहीं दें। किसी भी डाउट को क्लियर करने के लिए बैंक जाकर उच्चाधिकारियों से मिलें। व्हाट्सएप, मैसेंजर, एसएमएस, ओटीपी का इस्तेमाल सावधानी पूर्वक करें। बैंकों की तरफ से लगातार यह जानकारी प्रेषित की जा रही है कि बैंक फोन पर ग्राहकों से कोई गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है।



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