साइबर ठगों को पुलिस करेगी बेनकाब

2019-07-15T11:00:34Z

-झारखंड की पुलिस से ठगों को पकड़ने में लिया जा रहा सहयोग

-ऑनलाइन ठगी करने वालों पर साइबर पुलिस की रहेगी नजर

आगरा। ताजनगरी में नेट बैंकिंग फ्रॉड को रोकने के लिए पुलिस की विशेष टीम सक्रिय है, जो ऑनलाइन ठगी करने वालों पर निगरानी रखे है। शहर में ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है, फिर चाहे वह एटीएम क्लोन फ्रॉड हो या मेल स्कूमिंग फ्रॉड। ऐसे में ताजनगरी पुलिस झारखंड पुलिस के सहयोग से इन साइबर ठगों को बेनकाब करने के लिए काम करेगी।

लिंक क्लिक से लीक हो रहा डाटा

साइबर क्रिमिनल्स लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए तरह-तरह की रणनीति अपना रहे हैं। एसपी क्राइम राजेश कुमार सोनकर ने बताया कि वर्तमान में लिंक सेंड करने का खासा क्रेज है, जिसमें लोगों तरह-तरह के प्रलोभन दिए जाते हैं। लालच में आकर लोगों द्वारा उस मैसेज को लिंक कर दिया जाता है। लेकिन लोगों का यह लिंकर क्लिक करना कितना खतरनाक है, इसका अंदाजा उनको नहीं है। लिंक क्लिक होने से नाम के साथ अन्य जानकारी भी लीक हो जाती है, जिसका बाद में अपराधी फायदा उठाते हैं। नेट बैंकिंग के माध्यम से वारदात को अंजाम देने वाले अधिकतर लोग एजूकेटेड हैं, जिनकी उम्र 19 से 26 के बीच है।

हैकर्स की गतिविधियों पर नजर

ऑनलाइन फ्रॉड की वारदात को करने वाले क्रिमिनल्स को पकड़ने के लिए आगरा में साइबर क्राइम टीम का गठन किया गया है। टीम के प्रत्येक सदस्य को विशेष ट्रेनिंग दी गई है, जिससे वह साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रख सकें। टीम ऐसे युवाओं पर नजर रखने का कार्य कर रही है जो सोशल मीडिया पर फेसबुक, मेल स्कूमिंक हैक, समाचार पत्रों में विज्ञापन देते हैं, क्योंकि अधिकतर लोग ऐसे ही विज्ञापनों को पढ़कर उन्हें फॉलो करते हैं और अपराधी के जाल में फंस जाते हैं।

ब्रांडेड कंपनी से ही करें लेन-देन

बैंकिंग सेक्टर में जमा धनराशि को दो गुना करवाने के लालच में लोग शिकार हो जाते हैं। ताजनगरी में ऐसी आधा दर्जन से अधिक फर्म हैं जो सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बना चुकी हैं। न्यायालय में जिनके मामले आज भी विचाराधीन हैं। विद्यानगर में रहने वाले गौरव, कमलेश और सीमा को आज भी उम्मीद है कि न्यायालय का फैसला आने पर कंपनी उनका रुपया वापस करेगी। साइबर क्राइम प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि अधिकतर लोग लालच का शिकार होकर छोटी-मोटी फर्म में अपनी जीवन की पूंजी इन्वेस्ट कर देते हैं। कंपनी के भाग जाने पर वारदात का शिकार हो जाते हैं।

ऑनलाइन ठगी का माध्यम

-नेट बैकिंग फ्रॉड

-एटीएम क्लोन फ्रॉड

-मेल स्कूमिंग फ्रॉड

-फेक साइट से ऑर्डर पर फ्रॉड

-टूरिस्ट व एयर टिकट बुकिंग फ्रॉड

-ओएलएक्स के नाम पर फ्रॉड


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