Aaj Ka Panchang 10 May: जानें सोमवार के राहुकाल व दिशाशूल की स्थिति, आज कोई नया कार्य न शुरु करें

Daily Panchang in Hindi 10 May 2021: तिथि नक्षत्र वार योग और करण से मिलकर पंचांग बनता है। सोमवार 10 मई 2021 के दैनिक पंचाग के अनुसार शुभ मुहूर्त राहुकाल सूर्योदय और सूर्यास्‍त का समय तिथि नक्षत्र सूर्य करण चंद्र व दिशाशूल की स्थिति मास व पक्ष की समस्‍त जानकारी यहां दी जा रही है।

Updated Date: Sun, 09 May 2021 05:14 PM (IST)

Dainik Panchang 10 May 2021: सोमवार का पंचांग जानिए जिसमें दिन का शुभ मुहूर्त, दिशाशूल की स्थिति, राहुकाल व गुलिक काल की वास्तविक स्थिति विस्‍तार से ज्ञात होगी।
पढ़ें 10 मई 2021 दिन- सोमवार का पंचाग
सूर्योदयः- प्रातः 05:33:08
सूर्यास्तः- सायः 07:01:00

विशेषः- जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिव लिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध चढ़ाने से भगवान शिव महादेव जी की कृपा बरसती हैं।
विक्रम संवतः- 2078
शक संवतः- 1943
आयनः- उत्तरायण
ऋतुः- ग्रीष्मऋतु
मासः- वैशाख माह
पक्षः- कृष्ण पक्ष

तिथिः- चतुर्दशी तिथि 09:57:00 तक तदोपरान्त अमावस्या तिथि
तिथि स्वामीः- चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शिव जी हैं तथा अमावस्या तिथि के स्वामी पित्रदेव जी हैं।
नक्षत्रः- अश्विनी 08:25:00 तक तदोपरान्त भरणी
नक्षत्र स्वामीः- अश्विनी के स्वामी केतु जी हैं तथा भरणी नक्षत्र के स्वामी शुक्र जी हैं।
योगः- आयुष्मान 09:38:00 तक तदोपरान्त सौभाग्य
गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 01:58:00 से 03:39:00 तक

दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवाश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जाएं। ।
राहुकालः- राहुकाल 07:14:00 से 08:55:00 तक
तिथि का महत्वः- इस तिथि में तिल का तेल तथा कांसे के पात्र में भोजन करना मना है तथा इस तिथि को रिक्ता तिथि भी कहा गया है इसलिए कोई नया कार्य और मांगलिक करना करना वर्जित है।
“हे तिथि स्वामी, दिन स्वामी, योग स्वामी, नक्षत्र स्वामी आप पंचांग का पाठन करने वालों पर अपनी कृपा दृष्ट बनाये रखना।”

द्वारा: Astrologer Dr. Trilokinath

Posted By: Chandramohan Mishra
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.