Daily Panchang in Hindi 25 Nov: बुधवार के शुभ मुहूर्त, राहुकाल व दिशाशूल की स्थिति, एकादशी तिथि में ये चीजें खाना हैं वर्जित

Updated Date: Tue, 24 Nov 2020 04:30 PM (IST)

Aaj ka Panchang 25 Nov: पंचांग पांच चीजों के योग से बनता है यह हैं तिथि नक्षत्र वार योग और करण। 25 नवम्बर 2020 दिन बुधवार के दैनिक पंचाग के अनुसार शुभ मुहूर्त राहुकाल सूर्योदय और सूर्यास्‍त का समय तिथि करण नक्षत्र सूर्य चंद्र व दिशाशूल की स्थिति मास व पक्ष की पूरी जानकारी नीचे दी गई है...


कानपुर (इंटरनेट-डेस्क)। Dainik Panchang 25 Nov, 2020: बुधवार को एकादशी तिथि 05:12:20 तक तदोपरान्त द्वादशी तिथि है। एकादशी तिथि के स्वामी विश्वदेव जी तथा द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान विष्णु जी हैं । बुधवार के दिन भगवान गणेश जी की पूजा करने का विशेष महत्त्व होता है। आज के दिन शरीर पर तेल लगाने से मां लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं। एकादशी तिथि में चावल एवं सेम नहीं खाना चाहिए यह तिथि उपवास, धार्मिक कृत्य उद्यापन तथा कथा एकादशी में शुभ है। दिन का शुभ मुहूर्त, दिशाशूल की स्थिति, राहुकाल एवम् गुलिक काल की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी आगे दी गई है।

25 नवम्बर 2020 दिन-बुधवार का पंचांगसूर्योदयः- प्रातः 06:52:31सूर्यास्तः- सायं 05:45:05विशेषः- बुधवार के दिन भगवान गणेश जी की पूजा करने का विशेष महत्त्व होता है। आज के दिन शरीर पर तेल लगाने से मां लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं।विक्रम संवतः- 2077
शक संवतः- 1942आयनः- दक्षिणायनऋतुः- हेमन्त ऋतुमासः- कार्तिक माहपक्षः- शुक्ल पक्षतिथिः- एकादशी तिथि 05:12:20 तक तदोपरान्त द्वादशी तिथितिथि स्वामीः- एकादशी तिथि के स्वामी विश्वदेव जी तथा द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान विष्णु जी हैं । नक्षत्रः- उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र 06:20:00 तक तदोपरान्त रेवती नक्षत्र


नक्षत्र स्वामीः- उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के स्वामी शनि देव हैं तथा रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध देव हैं।योगः- सिद्धि 07:33 AM तक तदोपरान्त व्यतिपातगुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 10:49:00 A.Mसे 12:08:00 PMतकदिशाशूलः- बुधवार को उत्तर दिशा में जाना अशुभ होता है यदि आवश्यक हो तो घर से धनियां या तेल खाकर निकलें।राहुकालः- आज का राहु काल12:08:00PM से 01:27:00 PM तकतिथि का महत्वः- एकादशी तिथि में चावल एवं सेम नहीं खाना चाहिए यह तिथि उपवास, धार्मिक कृत्य उद्यापन तथा कथा एकादशी में शुभ है।“हे तिथि स्वामी, योग स्वामी, नक्षत्र स्वामी, दिन स्वामी आप पंचांग का पाठन करने वालों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखना।”By Astrologer Dr. Trilokinath

Posted By: Shweta Mishra
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.