Daily Panchang in Hindi 27 Nov: शुक्रवार के शुभ मुहूर्त, राहुकाल व दिशाशूल की स्थिति, यहां गाय के घी का दीपक जलाने से बढ़ते हैं धन प्राप्ति के योग

Updated Date: Thu, 26 Nov 2020 04:10 PM (IST)

Aaj ka Panchang 27 Nov: पंचांग पांच चीजों के योग से बनता है यह हैं तिथि नक्षत्र वार योग और करण। 27 नवम्बर 2020 दिन शुक्रवार के दैनिक पंचाग के अनुसार शुभ मुहूर्त राहुकाल सूर्योदय और सूर्यास्‍त का समय तिथि करण नक्षत्र सूर्य चंद्र व दिशाशूल की स्थिति मास व पक्ष की पूरी जानकारी नीचे दी गई है...


कानपुर (इंटरनेट-डेस्क)। Dainik Panchang 27 Nov, 2020: शुक्रवार को त्रयोदशी तिथि 10:17:37 तक तदोपरान्त चतुर्दशी तिथि है। त्रयोदशी तिथि के स्वामी कामदेव हैं तथा चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शिव जी हैं। आज के दिन शाम के समय घर के ईशान कोण या मन्दिर में गाय के घी का दीपक जलाने से धन प्राप्ति के योग बढ़ते हैं।शुक्रवार को पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करना चाहिए तथा ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दही खा कर निकलें। दिन का शुभ मुहूर्त, दिशाशूल की स्थिति, राहुकाल एवम् गुलिक काल की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी आगे दी गई है।

27 नवम्बर 2020 दिन-शुक्रवार का पंचांगसूर्योदयः- प्रातः 06:30:56सूर्यास्तः- सायं 05:00:16विशेषः- आज के दिन शाम के समय घर के ईशान कोण या मन्दिर में गाय के घी का दीपक जलाने से धन प्राप्ति के योग बढ़ते हैं।विक्रम संवतः- 2077शक संवतः- 1942आयनः- दक्षिणायन
ऋतुः- हेमन्त ऋतु


मासः- कार्तिक माहपक्षः- शुक्ल पक्षतिथिः- त्रयोदशी तिथि 10:17:37 तक तदोपरान्त चतुर्दशी तिथितिथि स्वामीः- त्रयोदशी तिथि के स्वामी कामदेव हैं तथा चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शिव जी हैं।नक्षत्रः- अश्विनि नक्षत्र 24:22:48 तक तदोपरान्त भरणी नक्षत्रनक्षत्र स्वामीः- अश्विनि नक्षत्र के स्वामी केतु देव हैं तथा भरणी नक्षत्र के स्वामी शुक्र देव हैं।

योगः- व्यतिपात 08:00:44 तक तदोपरान्त वरियनगुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 08:12:00 से 09:31:00 तकदिशाशूलः- शुक्रवार को पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करना चाहिए तथा ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दही खा कर निकलें।राहुकालः- आज का राहु काल 10:50:00 से 12:08:00 तकतिथि का महत्वः- इस तिथि में बैंगन नही खाना चाहिए यह तिथि चूड़ा क्रम, अन्नप्राशन, गृहप्रवेश आदि के लिए शुभ है।“हे तिथि स्वामी, दिन स्वामी, योग स्वामी, नक्षत्र स्वामी आप पंचांग का पाठन करने वालों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखना।”By Astrologer Dr. Trilokinath

Posted By: Shweta Mishra
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