Aaj ka Panchang 7 May 2021: जानें शुक्रवार के राहुकाल व दिशाशूल की स्थिति, आज के दिन ये कार्य हैं वर्जित

Daily Panchang in Hindi 7 May 2021: तिथि नक्षत्र वार योग और करण से मिलकर पंचांग बनता है। शुक्रवार 7 मई 2021 के दैनिक पंचाग के मुताबिक शुभ मुहूर्त राहुकाल सूर्योदय और सूर्यास्‍त का समय तिथि नक्षत्र सूर्य करण चंद्र व दिशाशूल की स्थिति मास व पक्ष की समस्‍त जानकारी यहां दी गई है।

Updated Date: Thu, 06 May 2021 04:34 PM (IST)

डाॅ. त्रिलोकीनाथ (ज्योतिषाचार्य और वास्तुविद)। Dainik Panchang 7 May 2021 शुक्रवार को एकादशी 03:34:00 तक तदोपरान्त द्वादशी तिथि है। एकादशी तिथि के स्वामी विश्वदेव जी हैं तथा द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान विष्णु जी हैं। आज के दिन शाम के समय घरके ईशान कोण या मंदिर में गाय के घी का दीपक जलाने से धन की प्राप्ति के योग बढ़ते हैं। आज के दिन पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करना चाहिए तथा ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दही खाकर निकलें। एकादशी तिथि में चावल एवं सेम नहीं खाना चाहिए यह तिथि उपवास, धार्मिक कृत्य उद्यापन तथा कथा एकादशी में शुभ है। दिन का शुभ मुहूर्त, दिशाशूल की स्थिति, राहुकाल एवम् गुलिक काल की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी आगे दी गई है।07 मई 2021 दिन- शुक्रवार का पंचागसूर्योदयः- प्रातः 05:35:00सूर्यास्तः- सायं 06:59:09
विशेषः- आज के दिन शाम के समय घरके ईशान कोण या मंदिर में गाय के घी का दीपक जलाने से धन की प्राप्ति के योग बढ़ते हैं।विक्रम संवतः- 2078शक संवतः- 1943आयनः- उत्तरायणऋतुः- ग्रीष्म ऋतुमासः- वैशाख माहपक्षः- कृष्ण पक्षतिथिः- एकादशी 03:34:00 तक तदोपरान्त द्वादशी तिथितिथि स्वामीः- एकादशी तिथि के स्वामी विश्वदेव जी हैं तथा द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान विष्णु जी हैं।


नक्षत्रः- पूर्वा भाद्रपद 12:26:00तक तदोपरान्त उत्तरा भाद्रपद नक्षत्रनक्षत्र स्वामीः- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र के स्वामी गुरु देव हैं तथा उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के स्वामी शनि देव जी हैं। योगः- वैधृति 07:28:00 तक तदोपरान्त विषकुंभदिशाशूलः- आज के दिन पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करना चाहिए तथा ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दही खाकर निकलें।गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 05:35:00 A.M से 07:15:00 A.M बजे तक।राहुकालः- राहुकाल 08:56:00A.M से 10:37:00 A.M बजे तक।तिथि का महत्वः- एकादशी तिथि में चावल एवं सेम नहीं खाना चाहिए यह तिथि उपवास, धार्मिक कृत्य उद्यापन तथा कथा एकादशी में शुभ है।“हे तिथि स्वामी, दिन स्वामी, योग स्वामी, नक्षत्र स्वामी आप पंचांग का पाठन करने वालों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखना।”

Posted By: Shweta Mishra
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