नरौरा से आ रहा है खतरा

2018-08-02T06:01:21Z

- फिर बढ़ने लगा गंगा-यमुना का जलस्तर

- एडमिनिस्ट्रेशन की खतरे पर है नजर

ALLAHABAD: पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ ही आस-पास के अन्य राज्यों में पूरी क्षमता के साथ मानसून सक्रिय होने से अभी फिलहाल कुछ दिनों तक और जहां भारी बरसात होने की उम्मीद है। वहीं नरौरा बांध के साथ ही अन्य बांधों से भी पानी छोड़ने का सिलसिला जारी है। इसकी वजह से एक बार फिर गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा है। यह देखते हुए एडमिनिस्ट्रेशन सक्रिय हो गया है।

मंगल को घटा, बुध को बढ़ा

मंगलवार को गंगा और यमुना के जलस्तर में घटाव दर्ज किया गया था। लेकिन बुधवार को एक बार फिर जलस्तर में बढ़ गया। सिंचाई विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार बुधवार को गंगा और यमुना के जलस्तर में डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। वहीं एक-दो दिन बाद स्थिति गंभीर हो सकती है। नरोरा बांध से करीब एक लाख क्यूसेक पानी जहां छोड़ा गया है। वहीं एक-दो दिन में और पानी छोड़े जाने की उम्मीद है। अन्य बांधों से भी पानी छोड़ा जा रहा है।

गंगा फाफामऊ 84.73 डेंजर लेवल 78.680

गंगा छतनाग 84.73 डेंजर लेवल 77.25

यमुना नैनी 84.73 डेंजर लेवल 77.98

शहर में जलजमाव से बुरा हाल

वहीं रिमझिम फुहारों का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। इसके चलते दिन भर लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं अलग-अलग जगहों पर कीचड़ और जलजमाव की स्थिति बनी रही। लूकरगंज, मोतीलाल नेहरू रोड और सीएमपी के सामने भी जलजमाव से लोग परेशान हुए।

-गंगा और यमुना का जलस्तर अभी फिलहाल तो नॉर्मल है। लेकिन चारों तरफ हो रही बारिश की वजह से एक-दो दिन बाद जलस्तर और बढ़ेगा। वजह, एक तरफ तो बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है, वहीं अन्य नदियों का भी जलस्तर बढ़ रहा है।

-मनोज सिंह

अधिशासी अभियंता

सिंचाई विभाग बाढ़ खंड


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