रोडवेज बसों में खतरे के टायर

2020-01-23T05:46:17Z

सभी डिपो में है यह हाल, आईनेक्स्ट को लगा वीडियो हाथ

आगे की तरफ रिट्रेड टायर लगाना पैसेंजर्स की जान डाल सकता है जोखिम में

देहरादून। उत्तराखंड रोडवेज की बसों में पैसेंजर्स की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कई बसों का अगला ट्रायर रिट्रेड है, जो बेहद खतरनाक स्थिति है। रोडवेज सूत्रों के अनुसार सभी बसों में नए टायर लगाना संभव नहीं है। नए टायर की कीमत ज्यादा होने के कारण टायरों को रिट्रेड किया जाता है। यानी कि एक बार घिस जाने के बाद टायरों के फिर से रबड़ चढ़ाई जाती है। ऐसे रिट्रेड टायर आम तौर में पीछे तो लगा लिये जाते हैं, लेकिन अगले टायरों में ये खतरनाक साबित हो सकते हैं। इसके बावजूद उत्तराखंड रोडवेज की कई बसों में अगले तरफ भी रिट्रेड टायर लगाये गये हैं।

सभी डिपो में है यह हाल

रोडवेज के लगभग सभी डिपो में ऐसी बसें हैं, जिनके अगले टायर रिट्रेड हैं। जो रोडवेज की बसों में खतरे का संकेत है। देहरादून के बी डिपो की बस हो या फिर कुमाऊं के किसी डिपो की बस। सभी को इस तरह के जुगाड़ से चलाया जा रहा है। रामनगर, हल्द्वानी, देहरादून और हरिद्वार सभी डिपो में यह गाडि़यां दौड़ रही हैं।

खतरे का हैं संकेत

बसों में पीछे की तरफ रिट्रेड टायर आमतौर पर लगा दिये जाते हैं, लेकिन अगले टायर के रिट्रेड होने से उनके फटने की संभावना रहती है। कोई भी मैकेनिक आगे की तरफ रिट्रेड टायर लगाने की सलाह नहीं देता और आमतौर पर ऐसा किया भी नहीं जाता। रोडवेज प्रबंधन ऐसा करके लोगों की जान जोखिम में डाल रहा है।

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दो से तीन बार होते हैं रिट्रेड

आर्थिक मंदी से जुझ रहे रोडवेज को बसों में पुराने टायर लगाने पड़ते हैं। ताकि कम लागत में भरपाई की जा सके। रोडवेज के अधिकारियों और कर्मचारियों के अनुसार रिट्रेड टायरों को कंडीशनली रखा जाता है, ताकि इमरजेंसी होने पर डिपो तक लाने में इनका इस्तेमाल किया जा सके। यहां तक कि रोडवेज की बसों में पीछे के टायर अधिकतर रिट्रेड ही इस्तेमाल किये जाते हैं।

पहाड़ों में ज्यादा खतरा

रिट्रेड टायर वैसे तो कहीं भी पैसेंजर्स की जान जोखिम में डाल सकते हैं, लेकिन पहाड़ी सड़कों पर ये ज्यादा खतरनाक होते हैं। पहाड़ों में चढ़ाई पर कमजोर टायर गर्म होकर फटने की ज्यादा आशंका रहती है और ऐसा होने पर बस में बैठे लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।

केवल पिछले टायर रिट्रेड हो सकते हैं। हो सकता है कुछ बसों में कंडीशनल ऐसा किया गया हो। रोडवेज का मकसद सुरक्षित यातायात सुविधा देना है।

रणवीर सिंह चौहान,

एमडी रोडवेज

Posted By: Inextlive

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