कार्रवाई नहीं तो नहीं करेंगे क्लास

2018-04-10T07:01:25Z

- एचओडी के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले स्टूडेंट्स मांग पर अड़े

- पहले विभाग और फिर एडी बिल्डिंग पर काटा बवाल

- 12 को 12 बजे वीसी से मिला टाइम, तब तक क्लास बहिष्कार का फैसला

GORAKHPUR: जब तक यूनिवर्सिटी बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के एचओडी प्रो। गोपीनाथ पर कार्रवाई नहीं करती, तब तक हम क्लास नहीं करेंगे। सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है, जबकि एचओडी लगातार फेल करने, बैक लगवाने के साथ ही कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगवाने की धमकी दिए जा रहे हैं। यह आरोप है बीबीए-एमबीए स्टूडेंट्स का, जो पिछले शुक्रवार से एचओडी को बर्खास्त करने की मांग पर अड़े हैं और क्लास नहीं कर रहे हैं। सोमवार को एक बार फिर बीबीए और एमबीए के स्टूडेंट्स एडी बिल्डिंग पहुंचे और उन्होंने वीसी की गैर मौजूदगी में रजिस्ट्रार ऑफिस पर हंगामा कर एचओडी को हटाने की मांग की।

सुबह से ही शुरू हुआ विरोध

शुक्रवार को वीसी से बातचीत करने के बाद वापस लौटे स्टूडेंट्स सोमवार को भी क्लास अटेंड करने नहीं गए। एचओडी को बर्खास्त करने की मांग कर स्टूडेंट्स ने पहले क्लास का बहिष्कार किया। इसके बाद उन्होंने डिपार्टमेंट में जमकर हंगामा काटा। कोई रिस्पांस न मिलने के बाद उन्होंने एडी बिल्डिंग का रुख किया और यहां रजिस्ट्रार ऑफिस के सामने बैठकर खूब नारेबाजी करने लगे। करीब आधे घंटे बाद रजिस्ट्रार से उनकी मुलाकात हुई।

12 को 12 बजे का मिला वक्त

रजिस्ट्रार ने आश्वासन दिया कि वह इस संबंध में वीसी से बात करेंगे, लेकिन इस पर स्टूडेंट्स मानने के लिए तैयार नहीं हुए और तत्काल समाधान करने की बात कही। काफी बवाल के बाद जब स्टूडेंट्स नहीं माने तो रजिस्ट्रार ने वीसी से बातचीत कर उनका वक्त मांगा। स्टूडेंट्स की मानें तो वीसी ने 12 अप्रैल को दोपहर 12 बजे का वक्त दिया है। इस दौरान एचओडी गोपीनाथ भी मौजूद रहेंगे। स्टूडेंट्स और एचओडी दोनों को आमने-सामने बुलाकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।

क्या है मामला?

स्टूडेंट्स की मानें तो एमबीए थर्ड सेमेस्टर का गुरुवार को रिजल्ट डिक्लेयर किया गया। इसमें 45 में से सात स्टूडेंट्स का बैक लग गया है, जबकि बीबीए थर्ड सेमेस्टर के 58 में 13, बीए फ‌र्स्ट सेमेस्टर के 58 में से 32 स्टूडेंट्स का बैक लगा है। स्टूडेंट्स का आरोप था कि एचओडी के कहने पर पहली बार इतने स्टूडेंट्स का बैक लगा है। उन्होंने वीसी से शिकायत की है कि एग्जाम की आंसरशीट जांचने में घोर लापरवाही की गई है। कुछ ने जानबूझकर फेल करने का आरोप लगाया है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.