देहरादून शहीद सिद्धार्थ के घर पहुंची रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन

2019-02-06T09:21:48Z

- शहीद के पिता को अपना नंबर देकर कहा, कोई परेशानी हो तो बताना

सीएम ने भी दी शहीद के परिजनों को सांत्वना

DEHRADUN: बेंगलुरु में शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ नेगी के पंडितवाड़ी स्थित घर में मंगलवार को अचानक रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन पहुंच गई। उन्होंने परिवार को हिम्मत से काम लेने को कहा। साथ ही सिद्धार्थ के पिता बलबीर सिंह नेगी को अपना नंबर देकर कोई भी दिक्कत होने पर सीधे संपर्क करने की बात कही। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पहले से ही शहीद के घर में मौजूद थे।

45 मिनट रुकी रक्षा मंत्री
रक्षामंत्री शहीद के घर पर सुबह 11 बजे पहुंची और ठीक 11.45 पर निकल गई। इस दौरान उन्होंने शहीद की मां, पिता, बहन और पत्‌नी से बात की। उन्होंने सिद्धार्थ की शहादत पर फक्र करने की बात कही। इस दौरान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी पिता बलबीर सिंह नेगी से लंबी बातचीत की। सुबह से शाम तक शहीद के घर पर आने वालों का तांता लगा रहा।

छूना चाहता था 7 हजार फीट हाइट
सिद्धार्थ को उसके दोस्त सिद्ध कहकर बुलाते थे। सिद्ध को हवा में उड़ना, ऊंचाइयों को छूना बेहद पसंद था। उसने अब 7 हजार फीट ऊंचाई को छूने का प्रोग्राम बनाया हुआ था। सिद्ध को श्रद्धांजलि देने पहुंचे उनके दोस्त राजवीर राणा और त्रिभुवन ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2014 में सिद्ध के साथ ही उत्तरकाशी से बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स किया था। इसके बाद दार्जिलिंग से एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स किया। सिद्ध ने सितंबर में आने का वादा किया था और तब उत्तराखंड की किसी हाइट को सबमिट करने का प्लान था।

शहीद की पत्‌नी भी स्क्वाड्रन लीडर
सिद्धार्थ की पत्‌नी ध्रुविका भी एयरफोर्स में स्क्वाड्रन लीडर है। धु्रविका ने बताया कि बेंगलुरु में उन दोनों का ऑफिस 30 किमी फासले पर है। सिद्धार्थ हमेशा कहते थे कि मैं जो भी कर रहा हूं, देश सेवा के लिए कर रहा हूं। मुझे जहां भी पोस्टिंग मिलेगी, जाऊंगा। जब हम सुबह एक बार यूनिफॉर्म पहन लेते हैं तो सिर्फ हमें देश नजर आता है। मैंने सिद्धार्थ के साथ रहने के लिए हाल ही में अपना ट्रांसफर बेंगलुरु करवाया था।

रक्षा मंत्री के आने पर संतोष
शहीद के पिता बलबीर सिंह नेगी ने कहा कि रक्षामंत्री ने जिस तरह से घर आकर संवेदना प्रकट की, वो होना चाहिए। शहीद की मां सुचित्रा ने बताया कि बेटे ने देश सेवा में जान दी है। हमने अपना सीना मजबूत कर लिया है। बेटे ने हमेशा सबकी मदद की है। जिस पर हमें नाज है।

Posted By: Inextlive

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