PM Modi Delhi Rally: शाहीन बाग व जामिया में हो रहे विरोध के पीछे राजनीतिक हाथ, इससे देश को नुकसान

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। 8 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान में बीजेपी अपनी पूरी ताकत लगा रही है। अमित शाह जे.पी.नड्डा और योगी आदित्यनाथ के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पूर्वी दिल्ली में एक रैली की।

Updated Date: Mon, 03 Feb 2020 09:53 PM (IST)

नई दिल्ली (एएनआई)। पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पूर्वी दिल्ली में एक रैली की। इस दौरान उन्होंने अपनी वेबसाइट से आम आदमी पार्टी (AAP) के पुराने घोषणापत्र को हटाने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कड़कड़डूमा इलाके में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, '21 दिन पहले AAP पार्टी ने अपना पुराना घोषणा पत्र अपनी वेबसाइट से हटा दिया। क्योंकि लोग देख रहे थे कि उन्होंने क्या वादा किया था और इनमें से कितने पूरे हुए। केजरीवाल जी, आपने घोषणापत्र छिपा दिया लेकिन हम और दिल्ली के लोग सवाल पूछना बंद नहीं करेंगे।' प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि 8 फरवरी को होने वाले मतदान सिर्फ सरकार बनाने के लिए नहीं होंगे बल्कि दिल्ली के विकास को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।दिल्ली को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती बीजेपी
यह कहते हुए कि बीजेपी केवल दिल्ली को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती है, पीएम मोदी ने कहा: 'बीजेपी जो कहती है वह करती है। हमारी प्राथमिकता लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनके पक्ष में काम करना है। हम सकारात्मकता में विश्वास करते हैं, न कि नकारात्मकता में।' इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाए जाने से लेकर नागरिकता संशोधन अधिनियम का जिक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि यह देश में पहली बार है कि विपक्ष को सरकार से शिकायत है। उन्होंने कहा, 'आज देश के इतिहास में पहली बार विपक्ष को सरकार से शिकायत है। क्या है शिकायत? वे कहते हैं कि मोदी इतने तेज हैं? बस धीरे-धीरे काम करें, आप एक के बाद एक बड़े फैसले क्यों ले रहे हैं? इसकी क्या जरूरत है?'विरोधों के पीछे राजनीतिक हाथ


पीएम मोदी ने कहा, 'धारा 370 को 70 साल बाद खत्म कर दिया गया। राम जन्मभूमि का फैसला 70 साल बाद आया। करतारपुर साहिब कॉरिडोर 70 साल बाद बना है। भारत-बांग्लादेश सीमा मुद्दा 70 साल बाद हल हुआ। 70 साल बाद सीएए आया। युद्ध स्मारक और पुलिस स्मारक 50-60 वर्षों के बाद बने हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'यह सीलमपुर, जामिया या शाहीन बाग हो, नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर पिछले कई दिनों से यहां विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। क्या यह सिर्फ एक संयोग है? नहीं। यह एक प्रयोग है। जामिया और शाहीन बाग सहित इन सभी विरोधों के पीछे राजनीतिक हाथ है। ये विरोध भारत को बांटने की साजिश है। ये विरोध देश की समरसता को बर्बाद करने वाला है।'

Posted By: Mukul Kumar
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