कांग्रेस पार्टी द्वारा आज केंद्र सरकार के खिलाफ दिल्ली में अायोजित की जा रही भारत बचाओ' रैली की तैयारियां पूरी हो गई। इस रैली के जरिए वह केंद्र सरकार की नीतियों व विफलताओं के अलावा नागरिकता संशोधन विधेयक जैसे अन्य मामलों को लोगों के सामने उजागर करने की तैयारी में है।

नई दिल्ली (एएनआई)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस 'भारत बचाओ' रैली करेगी। इस रैली में नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर भी फोकस किए जाने की संभावना है। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इस रैली में शामिल होंगी। इस रैली में देश भर के पार्टी कार्यकर्ता भाग लेंगे। वहीं बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने पर पार्टी का जोर है। सूत्रों के मुताबिक, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अन्य वरिष्ठ नेता रैली को संबोधित करेंगे।

Delhi: Preparations underway at Ramlila Maidan where Congress is organising 'Bharat Bachao' rally today. pic.twitter.com/nRvz8RHcJV

— ANI (@ANI) December 14, 2019


कार्यकर्ता रैली में& 'मोदी है तो मंदी है' के नारे लगाएंगे
यह रैली सुस्त अर्थव्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं सहित कई मुद्दों को उजागर करने के लिए आयोजित की जा रही& है। साथ ही केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ एक मजबूत संदेश भेजने की रणनीति बनाई जा रही है। रैली का पूरा फोकस भाजपा की अगुवाई वाली सरकार पर उसकी आर्थिक नीतियों पर हमला करना होगा। सूत्रों के मुताबिक बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रैली में& 'मोदी है तो मंदी है' के नारे लगाएंगे। कांग्रेस पार्टी इस नारे का इस्तेमाल भाजपा के नारे - 'मोदी है तो मुमकीन है' का मुकाबला करने के लिए करेगी।

सरकार की नीतियों के खिलाफ पार्टी की पहली भव्य रैली
रैली राष्ट्रीय और कांग्रेस की आंतरिक राजनीति के लिए महत्व रखती है क्योंकि यह सोनिया गांधी के अंतरिम अध्यक्ष के रूप में सत्ता संभालने के बाद सरकार की नीतियों के खिलाफ पार्टी की पहली भव्य रैली होगी। इसके अलावा, रैली कांग्रेस पार्टी के भीतर भी टीम राहुल के लिए ताकत का प्रदर्शन होगी। कांग्रेस पार्टी की रैली पहले 30 नवंबर को होने वाली थी, लेकिन बाद में संसद के शीतकालीन सत्र के मद्देनजर इसे 14 दिसंबर को स्थगित कर दिया गया।

Posted By: Shweta Mishra