Delhi Violence: आरोपी ताहिर हुसैन के सरेंडर करते ही पुलिस ने किया अरेस्ट, आईबी अफसर की हत्या का भी है आरोप

Updated Date: Thu, 05 Mar 2020 04:55 PM (IST)

Delhi violence दिल्ली हिंसा के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के कथित आरोपी और आम आदमी पार्टी आप के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन की आज गुरुवार को गिरफ्तारी हो गई है।

नई दिल्ली (आईएएनएस/पीटीआई)। Delhi violence दिल्ली हिंसा के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के कथित आरोपी और आम आदमी पार्टी (आप) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन की गुरुवार को दिल्ली की राउज ऐवन्यू कोर्ट से गिरफ्तारी हुई। हुसैन ने गुरुवार दोपहर अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विशाल पाहुजा के समक्ष आत्मसमर्पण करने के लिए एक आवेदन दिया था। इस मामले की सुनवाई चल रही थी तभी दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इस दाैरान अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट विशाल पाहुजा ने हुसैन की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनके द्वारा मांगी गई राहत उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। वहीं जैसे ही अदालत ने हुसैन की याचिका को खारिज किया वैसे ही वहां पहले से माैजूद दिल्ली पुलिस की एक टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

ताहिर पर नया मामला खजूरी खास पुलिस स्टेशन में दर्ज

ताहिर हुसैन पर दिल्ली के दंगों के दौरान हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। उस पर खुफिया ब्यूरो (आईबी) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के आरोपों के बाद आप आदमी पार्टी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्या से उसे निलंबित कर दिया था। अंकित शर्मा के पिता रविंद्र कुमार की शिकायत के आधार पर दयालपुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। ताहिर हुसैन के खिलाफ धारा 302 (हत्या का दंड) के साथ, एफआईआर में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 201 (सबूतों के गायब होने) का भी उल्लेख है। ताहिर हुसैन दिल्ली हिंसा के बाद से फरार चल रहा था और दिल्ली पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। एक उच्च पदस्थ पुलिस सूत्र ने बुधवार को बताया कि नया मामला खजूरी खास पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।

शिकायत के बारे में कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं

दिल्ली हिंसा के दौरान गोली से घायल हुए एक शिकायतकर्ता ने अपनी प्राथमिकी में कहा है कि आप के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन उन दंगाइयों में शामिल था, जिन्होंने उस पर गोलियां चलाई थीं। हालांकि आईएएनएस ने कई बार इस संबंध में पूर्वोत्तर जिले के डीसीपी वेद प्रकाश सूर्या और संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। वहीं अभी तक इस शिकायत के बारे में कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है।

Posted By: Shweta Mishra
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