बजट हाफ, डेवलपमेंट साफ

2020-02-13T05:46:14Z

- शहर में एक ओर विकास के बड़े-बड़े दावे तो दूसरी ओर लगातार घटता जा रहा है केडीए का कंस्ट्रक्शन व डेवलपमेंट बजट

-2017 में केडीए का बजट 27 अरब रहा था, जो इस साल घटकर रह गया सिर्फ 10 अरब, सिटी में नहीं होगा कोई बड़ा डेवलपमेंट वर्क

-साल दर साल घाटा होने से केडीए ने नई हाउसिंग स्कीम, हाउसिंग प्रोजेक्ट व बड़े डेवलपमेंट व कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट से किए हाथ खड़े

KANPUR: कागजों और भाषणों में शहर के विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। अफसर, नेता से लेकर मंत्री तक अपनी बातों में विकास की गंगा बहा रहे हैं। लेकिन, आंकड़े कुछ और कह रहे हैं। जिसके चलते नेक्स्ट फाइनेंशियल ईयर में केडीए से सिटी में बहुत अधिक डेवलपमेंट या कंस्ट्रक्शन व‌र्क्स की उम्मीद ना लगाइएगा। क्योंकि केडीए लगातार चार सालों से अपना बजट कम करता जा रहा है, जो कि फाइनेंशियल ईयर 2017-18 के मुकाबले इस साल लगभग आधा रह गया है। वहीं फाइनेंशियल ईयर 2016-17 की तुलना में तो एक तिहाई ही है। इस बजट में भी ज्यादातर धन केडीए पहले से चल रही अपनी हाउसिंग स्कीम व प्रोजेक्ट पर खर्च करेगा।

सिटी में कराए अरबों के डेवलपमेंट व‌र्क्स

अभी केडीए अपनी हाउसिंग स्कीम व ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के अलावा भी सिटी में हर साल लगभग करोड़ों रुपए के डेवलपमेंट व कंस्ट्रक्शन वर्क कराता रहा है। इसमें कैनाल पटरी में मल्टीलेवल पार्किग कम ऑफिस कॉम्प्लेक्स, फूलबाग पार्क का करोड़ों से ब्यूटीफिकेशन, गणेश उद्यान में मल्टीलेवल पार्किग, नवीन मार्केट की फेसलिफ्टिंग, परेड में केडीए क्रिस्टल शॉपिंग कम कॉम्प्लेक्स व मल्टीलेवल पार्किग, कल्याणपुर-बिठूर रोड व मैनावर्ती मार्ग की वाइडनिंग आदि कामों की लंबी फेहरिस्त है। फिलहाल 8 करोड़ से रामलला तालाब का रेनोवेशन व ब्यूटीफिकेशन आदि काम चल रहे हैं। पर अब केडीए ने सिटी में कोई बड़े प्रोजेक्ट, हाउसिंग स्कीम व हाउसिंग प्रोजेक्ट लाने हाथ खींच लिए हैं। इसकी मुख्य वजह ये हैं केडीए को पिछले कई वर्षो से घाटे का सामना करना पड़ रहा है।

करोड़ों की प्रॉपर्टी नहीं बिकी

दरअसल केडीए ने डिमांड-सर्वे कराए बगैर ही करीब 6 वर्ष पहले एक के बाद एक ग्रुप हाउसिंग, कॉमर्शियल प्रोजेक्ट लांच कर दिए। नतीजा ये हुआ कि लगभग 6 हजार फ्लैट सहित 12 अनसोल्ड प्रॉपर्टी केडीए की खाली पड़ी हुई हैं। ये प्रॉपर्टी न बिकने से केडीए के लगभग 4.45 अरब रुपए फंस गए हैं। प्रॉपर्टी न बिकने का असर ये हुआ कि केडीए का बजट लगातार घाटे में चला गया है।

केडीए ने सिटी में किए डेवलपमेंट-कंस्ट्र्क्शन वर्क

-- कैनाल पटरी में मल्टीलेवल पार्किग व ऑफिस कॉम्प्लेक्स

-- फूलबाग गार्डेन का ब्यूटीफिकेशन

-- गणेश उद्यान में मल्टीलेवल पार्किग

-- नवीन मार्केट की फेसलिफ्टिंग

-- केडीए क्रिस्टल परेड चौराहा

-- चिल्ड्रेन पार्क, मोतीझील का ब्यूटीफिकेशन

-- मोतीझील में म्यूजिकल फाउंटेन

-- इंद्रा नगर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग थीम पार्क

- रामलला तालाब रावतपुर का रेनोवेशन व ब्यूटीफिकेशन

-- विकास नगर रोड पर साइकिल ट्रैक

-- तात्याटोपे नगर पार्क का ब्यूटीफिकेशन

--मैनावर्ती मार्ग की वाइडनिंग

--कल्याणपुर-बिठूर रोड की वाइडनिंग

फाइनेंशियल ईयर-- बजट

2016-17-- 27.15 अरब

2017-18-- 22.54 अरब

2018-19-- 17.49 अरब

2019-20-- 17.70 अरब

2020-21-- 10.30 अरब

.

ये फ्लैट नहीं बिके

हाउसिंग प्रोजेक्ट-- फ्लैट्स की संख्या

रामगंगा इंक्लेव-- 450

शताब्दी नगर फेस 2, जवाहरपुरम सेक्टर 6 व 13-- 3300

हाइट्स कल्याणपुर बिठूर रोड-- 35

ग्रीन्स मैनावती मार्ग--158

ड्रीम्स शताब्दी नगर--1156

सिग्नेचर ग्रीन्स विकास नगर-638

टोटल-- 5837

(डिटेल 28 नवंबर, 2019 को हुई बोर्ड मीटिंग के मुताबिक)

टोटल अनसोल्ड प्रॉपर्टी-- 12651

अनसोल्ड प्रॉपर्टी की कीमत--4.45 अरब रुपए

Posted By: Inextlive

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.