अक्‍सर पति पत्‍नी किसी ना किसी बात पर आपस में उलझ जाते हैं और उनमें बहस और झगड़ा भी शुरू हो जाता है। कभी इसके चलते आपका मूड बेहद खराब हो जाता है। याद रखें अगर आप एक दूसरे के लिए भावनायें रखते हैं तो उम्‍मीदे भी रखते हैं और ऐसे में ये स्‍वाभाविक है कि आपकी अपेक्षायें झगड़ा करा देती हैं। इसलिए ना इन्‍हें गंभीर लड़ाई में बदलने दें ना गंभीरता से लें।

गुस्से में है प्यार बड़ा
जीहां कई बार सुबह सवेरे पति पत्नी गीले तौलिए से लेकर नाश्ते में हुई देर तक किसी भी बात पर उलझ जाते हैं और फिर जो झगड़ा शुरू होता है वो नयी पुरानी जाने कितनी बातों को लेकर विकराल हो जाता है। और आप दोनों मुंह मोड़ कर चिड़चिड़ाते हुए अपने अपने कामों में व्यस्त हो जाते हैं और मूड की ऐसी तैसी हो जाती हैं पर इस बात को लेकर सीरियस ना हों। सुबह का ढगड़ा शाम होते होते सुलझ जाता है क्योंकि रोजमर्रा की जिंदगी की जंग आप दोनों को मिल कर लड़नी होती हैं और इसके लिए एक दूसरे का साथ तो चाहिए ही।
बातचीत बंद ना करें
झगड़ा तो सामान्य है बस इसे लेकर आपस में बातचीत बंद ना करें और सुलह के दरवाजे खुले रहलने दें। झगड़ा तो हर पतिपत्नी के बीच होता है. इस में मूड इतना खराब करने की क्या बात है? अगर इस बात को ले कर एकदूसरे से बातचीत करना बंद कर दें या घर में कलह का माहौल बन जाए, तो अवश्य ही रिश्ते में दरार आ सकती है।

दिल पर ना लें
याद रखें कि पतिपत्नी के बीच इस तरह की तकरार होती ही रहती है। अगर यह न हो तो जीवन नीरस बन जाएगा। पतिपत्नी के बीच बिना किसी ठोस वजह के झगड़ा हो जाना एक सामान्य बात है, क्योंकि अलग अलग विचारों वाले दो लोगों की सोच का टकराना कोई अनोखी बात नहीं है। लेकिन उस से खुद हर्ट होना या पार्टनर को चोट पहुंचाने की कोशिश करना ठीक नहीं है। अच्छा तो ये हैं कि  तकरार को कुछ देर बाद भूल जाएं और जिस की गलती हो वह गलती मान ले तो स्थिति सामान्य हो जाती है।

प्यार का इजहार है तकरार

अगर आप ये सोच रहे है कि आपका जीवनसाथी इसलिए लड़ता है कि वो आपसे प्यार नहीं करता तो ये सोच गलत है। तकरार इसलिए नहीं होती कि वे एकदूसरे को पसंद नहीं करते हैं, बल्कि इसलिए होती है, क्योंकि दोनों एकदूसरे को प्यार करते हैं।
झगड़ा करने वालों का रिश्ता होंता है मजबूत
आप चाहे विश्वास करें या ना करें पर अध्ययनों से भी यह बात सामने आई है कि जिन पति पत्नी के बीच झगड़ा होता है उन का रिश्ता ज्यादा मजबूत होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि झगड़े से बचने की कोशिश में लोग अपने दिल की बात दिल में ही छुपा लेते हैं जो समय के साथ कुंठा में बदल जाती है। इससे उन के बीच अलगाव होने की आशंका बढ़ जाती है, क्योंकि ऐसे जोड़े कभी भी परेशान करने वाले मुद्दों को सुलझाने की कोशिश नहीं करते हैं। वे चुप रह कर जिन कुंठाओं को दबा देते हैं, बाद में वही विद्रोह बन कर सामने आती हैं। जबकि झगड़ा करने वाले दंपत्तियों के दिल में कुछ भी रहता वे सारी भड़ास बोल कर निकाल देते हैं और फिर सहज हो जाते हैं।

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Posted By: Molly Seth