गंदगी का अंबार सफाईकर्मियों का इंतजार

2018-04-23T07:01:20Z

नए वार्डो में नहीं पहुंच रहे सफाईकर्मी, गंदगी का अंबार

80 से बढ़कर 90 हो गई है शहर में वार्डो की संख्या

नगर निगम सफाई कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोत्तरी करने को तैयार नहीं

Meerut। निकाय चुनाव में नगर निगम में इस बार 10 नए वार्ड बनाए गए थे। इससे शहर में वार्डो की संख्या 80 से बढ़कर 90 हो गई है। लेकिन सफाई कर्मियों की संख्या उतनी ही है। 4 माह बीतने के बाद भी इन 10 नए वार्डो में सफाई कर्मी नहीं पहुंचे। जिसके कारण इन वार्डो में गंदगी का अंबार है। बावजूद इसके, निगम के अधिकारी अनदेखी कर रहे हैं।

पार्षद काट रहे चक्कर

गौरतलब है कि 10 नए वार्डो में सफाई कर्मियों की नियुक्ति कराने के लिए पार्षद निगम के चक्कर काट रहे हैं। बावजूद इसके, निगम के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे इलाके के पार्षद भी परेशान हैं।

बोर्ड बैठक में उठा था मुद्दा

पिछले माह हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में दस नए वार्डो में सफाई कर्मियों का नियुक्ति का मामला पार्षदों ने उठाया था। पार्षदों के मुताबिक जब नगर निगम की सीमा में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई तो सफाई कर्मियों की कमी क्यों पड़ रही है। पार्षदों ने मांग की थी सभी वार्डो में समान सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।

नगर निगम में पिछले चार माह से सफाई कर्मियों की नियुक्ति के लिए चक्कर काट रहे हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सफाई कर्मियों के न आने से गंदगी का अंबार लगा है। नगर आयुक्त भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

स्वाति बंसल, पार्षद वार्ड 46

वार्ड में गंदगी का अंबार है। नगर निगम रोजाना नहीं तो कम से कम सप्ताह में एक बार तो सफाई ही करा सकता है। अनेक बार टोलफ्री नंबर पर भी शिकायत कर चुके है। लेकिन अभी तक कोई सफाई कर्मी नहीं आया है।

सुमित बंसल

चार माह से अधिक का समय हो गया है। चुनाव को जीते हुए। लेकिन अभी तक नगर निगम ने मेरे वार्ड में सफाई नहीं कराई है। नगर आयुक्त से लेकर डीएम कमिश्नर से शिकायत कर ली। पर कहीं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

परमानंद, पार्षद वार्ड 21

सफाई की ओर निगम का कोई ध्यान नहीं है। नए वार्ड बनने से पहले कम से कम सफाई तो हो जाती थी। जब से नया वार्ड बना है तब से सफाई तक नहीं हो रही है।

अमित गर्ग

नगर निगम से सफाई कराने को लेकर हम तो शिकायत कर थक चुके है। क्योंकि वहां तो सुनवाई कोई कर नहीं रहा है। पूरे वार्ड में गंदगी का अंबार है। हालात यह है कि गंदगी के कारण गंभीर बीमारी फैल सकती है।

शौकत प्रधान, पार्षद वार्ड 87

नगर निगम शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। यही कारण है पिछले चार माह से यहां पर सफाई नहीं हुई है। प्राइवेट कर्मचारी बुलाकर उनको पैसे देते है तब जाकर वह गंदगी उठाते हैं। लेकिन नाली व नाले वह भी साफ नहीं करते हैं।

सतीश

पिछले चार माह से सफाई कर्मियों की नियुक्ति के लिए अनेक बार शिकायत कर चुके हैं। लेकिन कोई भी अधिकारी सुनने के लिए तैयार नहीं है। स्वास्थ्य अधिकारी से कहो तो वह नगर आयुक्त से आदेश कराने की बात कहते हैं। वहीं नगर आयुक्त सफाई कराने की बात तो कहते है। पर कार्रवाई कोई नहीं करते हैं।

हिमानी शर्मा, पार्षद वार्ड 31

नगर निगम से किसी प्रकार की उम्मीद करना, अपने को सिर्फ तसल्ली देना है। पिछले चार माह से यहां पर सफाई नहीं हुई है। नगर निगम शिकायत भी कर चुके हैं.उस शिकायत पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

पंकज शर्मा


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