ये क्‍या डिज्‍नी ने 250 अमेरिकी कर्मचारियों को निकालकर भारतीयों की दी नौकरी तेज हुआ विरोध

2015-06-05T11:49:01Z

दुनिया भर में मनोरंजन क्षेत्र की जानी मानी कंपनी वॉल्ट डिज्नी के एक बड़े फैसले से हड़कम्‍प मच गया है। वॉल्ट डिज्नी कंपनी ने अस्‍थाई बीजा को बड़ी गंभीरता से तवज्‍जो देते हुए करीब 250 भारतीय कर्मचारियों को अपने यहां नौकरी दी है। हालांकि कंपनी के इस फैसले का काफी तेजी से विरोध हो रहा है क्‍योंकि डिज्‍नी ने इस दौरान करीब अपने 250 अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से बाहर का रास्‍ता दिखाया है।

इसके केंद्र में अस्थायी वीजा
मनोरंजन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वाल्ट डिज्नी ने करीब 250 कर्मचारियों को निकाल दिया है। इनकी जगह एच1-बी वीजा धारक भारतीयों को नौकरी दी गई है। इससे अमेरिका में आउटसोर्सिग कंपनियों द्वारा अस्थायी वीजा को नौकरी देने में इस्तेमाल को लेकर बहस शुरू हो गई है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका में आव्रजन सुधारों को लेकर बहस चल रही है और इसके केंद्र में अस्थायी वीजा है। अखबार के मुताबिक 250 लोगों को बीते साल अक्टूबर में ही कंपनी ने नौकरी से निकालने और उनकी जगह अस्थायी वीजा धारक अप्रवासी भारतीयों को रखने की बात कह दी थी।
पुनर्गठन कार्यक्रम का हिस्सा
वहीं इतनी बड़ी संख्या में छंटनी से कर्मचारियों रोष में हैं। कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें अपनी जगह आए लोगों को वही काम सिखाना पड़ा जिनसे उन्हें हटाया गया है। वहीं, डिज्नी के अधिकारियों ने इसे पुनर्गठन कार्यक्रम का हिस्सा बताया है। अधिकारियों के मुताबिक निकाले गए लोगों से ज्यादा नए नौकरी के पद बनाए गए हैं। लागत घटाने की रणनीति के तहत कई अमेरिकन कंपनियां एच-1बी वीजा का इस्तेमाल छोटे स्तर पर विदेशी कर्मचारियों को नौकरी देने में करती है। लागत घटाने के लिए कंपनियां ऐसा करती हैं।

Hindi News from Business News Desk

Posted By: Shweta Mishra

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