नवजात की मौत पर बिफरा पिता डॉक्टर से बोलाबाहर निकल आग लगा दूंगा

2019-06-26T06:00:01Z

यह भी जानें

-2 घंटे तक परिजनों ने किया हंगामा

-2 बजे मंडे को प्रसूता को कराया था एडमिट

-100 डायल कर डॉक्टरों ने पुलिस को दी सूचना

-19 जून को भी हो गई थी मौत

- महिला अस्पताल में प्रसूता को पैदा हुआ था मरा हुआ बच्चा

-सूचना पर परिजनों ने किया जमकर हंगामा, पुलिस से भी धक्का-मुक्की

बरेली : जिला अस्पताल विवाद का गढ़ बनता जा रहा है। ट्यूजडे को एक प्रसूता को डिलीवरी के दौरान मरा हुआ बच्चा हुआ था। डॉक्टरों ने नवजात की मौत की सूचना जैसे ही परिजनों को दी तो बच्चे का पिता भड़क गया। उसने डॉक्टर के साथ ही स्टाफ नर्स और महिला होमगार्ड से अभ्रदता की। परिजनों ने हॉस्पिटल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा करीब दो घंटे तक हंगामा किया। यहां तक कि बच्चे के पिता ने डॉक्टर को धमकी दी कितुमने मेरे बच्चे की जान ली है, तू बाहर निकल आग लाग दूंगा। वहीं डॉक्टर की तहरीर पर आरोपी पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

यह है पूरा मामला

भमौरा थाना क्षेत्र के पंडरी गांव निवासी यदुवीर ने प्रसव पीड़ा होने पर पत्‍‌नी अंजू को मंडे दोपहर करीब 2 बजे महिला हॉस्पिटल में एडमिट कराया था। ट्यूजडे सुबह जब अंजू को दर्द बड़ा तो ड्यूटी पर तैनात डॉ। किरन से उसकी डिलीवरी की तो मरा हुआ बच्चा पैदा हुआ। बच्चे की मौत की भनक जैसे ही यदुवीर को लगी तो वह आपा खो बैठा और डॉक्टर के चेंबर में घुसकर अभद्रता करने लगे। इस वहां सुरक्षा में तैनात महिला होमगार्ड पूजा कुमारी ने यदुवीर को रोकने का प्रयास किया तो यदुवीर ने उससे भी धक्का-मुक्की कर दी।

धक्का देकर भागा

हंगामा बढ़ता देख डा। किरन ने यूपी 100 डायल को सूचना दी। चौकी इंचार्ज चमन गिरी ने यदुवीर को रोकने का प्रयास किया तो वह उनको धक्का देकर भाग निकला। इस पर पुलिस ने दौड़ा कर उसे पकड़ लिया और कोतवाली ले आई। जहां चौकी इंचार्ज की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली गई।

दो साल बाद मिली खुशी मातम में बदली

यदुवीर की दो वर्ष पहले ही शादी हुई थी। यह उसका पहला बच्चा था। यदुवीर को जैसे ही बच्चे की मौत की खबर मिली तो वह अपना आपा खो बैठा और हंगामा करने लगा।

पहले भी हुआ था विवाद

डिस्ट्रिक्ट में विवाद कोई नहीं है। पहले भी कई बार परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया है। कुछ दिन पहले भी इलाज में लापरवाही पर एक मासूम की मौत हो गई थी। लापरवाही मिलने पर जिला अस्पताल के एडीएसआईसी डॉ। केएस गुप्ता को सस्पेंड कर दिया गया था।

हालत थी गंभीर

अंजू को जब एडमिट किया था तो उसकी हालत बहुत गंभीर थी। सुबह दर्द बड़ा तो नार्मल डिलीवरी की गई तो बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ। बच्चे के मां-बाप पर पहले के रिपोर्ट भी मौजूद नहीं थी। अंजू के पति ने काफी अभद्रता की जाने से मारने की धमकी तक दे डाली।

डॉ। किरन, महिला अस्पताल

वर्जन

बेबी मरा हुआ पैदा हुआ था। इसकी जानकारी डॉक्टर ने मुझे फौरन दी थी। हंगामें की सूचना पर मैंने खुद जाकर जांच की तो लापरवाही संबंधी कोई साक्ष्य नहीं मिले। स्टॉफ नर्स और महिला होमगार्ड से भी पूछताछ की गई।

डॉ। अलका शर्मा, सीएमएस महिला अस्पताल।


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