इस साल 27 अक्टूबर को दीवाली मनाई जा रही है। इस मौके पर दीवाली से जुड़ीं उन बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको जान लेनी चाहिए।


कानपुर। दीपावली, दीपों का त्योहार है जिसमें लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है। वर्षभर हम सभी को इस दिन इस त्योहार का पूरे जोश और उत्साह के साथ इंतजार रहता है। इस साल 27 अक्टूबर को दीपावली मनाई जा रही है। इनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका की रिपोर्ट के मुताबिक, दीपावली हिंदू धर्म के प्रमुख धार्मिक त्योहारों में से एक है, जो लगभग पांच दिनों तक मनाई जाती है। 'दिपावली' शब्द संस्कृत से लिया गया है, जिसका अर्थ है 'रोशनी की कतार।' जैसे कि हमने पहले भी बताया है कि दीपावली के दिन धन की देवी माता लक्ष्मी की पूजा होती है और घर को लाइटों से सजाया जाता है। बंगाल में दीपावली के दिन होती है देवी काली की पूजा
हालांकि, बंगाल में, दीपावली के दिन देवी काली की पूजा की जाती है। वहीं उत्तर भारत के कुछ इलाकों में यह त्योहार भगवान राम, सीता, लक्ष्मण, और हनुमान की अयोध्या शहर में वापसी के लिए मनाते हैं। दीपावली के दिन, तेल से भरे छोटे-छोटे मिट्टी के दीपक जलाए जाते हैं और उन्हें मंदिरों और घरों के दीवारों पर रखे जाते हैं। इसके अलावा दीयों को नदियों और तालाबों के पास भी रखा जाता है। माना जाता है कि दीपावली के दिन से विक्रम कैलेंडर के अनुसार नए साल की शुरुआत होती है। इस दिन व्यापारी धार्मिक समारोह करते हैं और नई खाता बही खोलते हैं। यह आम तौर पर घूमने, उपहारों के आदान-प्रदान, घरों की सफाई व सजावट, दावत, पटाखे छोड़ने और नए कपड़े पहनने का समय होता है। कुछ लोग इस मौके पर जुआ भी खेलते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,  दीपावली के दिन जुआ में महिला खिलाड़ी हमेशा जीतती हैं।जैन और सिख धर्म में भी मनाया जाता है दीपावलीजैन धर्म में भी दीपावली एक महत्वपूर्ण त्योहार है। दरअसल, दीपावली के दिनजैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर को निर्वाण हासिल हुआ था। उस दिन कार्तिक मास की अमावस्या की ही रात थी। इसलिए उनके समुदाय में भी दीपावली एक महत्वपूर्ण त्योहार है। इसके अलावा 18वीं शताब्दी के बाद से, दीवाली सिख धर्म में मनाई जाती है, जब गुरु हरगोबिंद ग्वालियर की एक कैद से अमृतसर लौटे थे। अमृतसर के निवासियों कहते हैं कि इस अवसर को मनाने के लिए पूरे शहर में दीप जलाए जाते हैं।

Posted By: Mukul Kumar