नारकीय जीवन जीने को मजबूर राजधानी के लोग

2019-07-08T06:00:19Z

RANCHI: राजधानी के बीचोबीच बसा वार्ड 34 का मधुकम रुगड़ीगढ़ा इलाका नरक से कम नहीं है। साफ-सफाई और गंदे पानी के निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां के लोगों के बीच महामारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। नालियां जाम पड़ी हैं, जिसकी गंदगी बारिश होते ही सड़कों पर पसर जाती हैं। लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल है।

स्कूल गेट पर जमा गंदा पानी

रुगड़ीगढ़ा स्थित पीड़ीकोचा में उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय की स्थिति गंभीर है। स्कूल के मुख्य गेट के आगे और पीछे शौच का गंदा पानी जमा हो गया है। इसकी वजह नाली का जाम होना है। यहां जमा पानी में सूअर लोटते रहते हैं। इससे इलाके के लोग परेशान हैं।

पानी निकासी की व्यवस्था नहीं

इलाके में गंदगी की समस्या के बाबत पार्षद विनोद सिंह ने बताया कि यहां जो सेप्टिक टैंक बना है उसमें पानी जाने और निकासी की व्यवस्था सही नहीं है। इसी तरह इलाके में जो नाली बनी है, उसका ढलान किसी एक तरफ होना चाहिए, लेकिन नगर निगम ने इस इलाके में नाली जैसे-तैसे बना दी है। सेप्टिक टैंक और नाली की इसी समस्या के कारण इन दिनों लोगों की परेशानी बढ़ गई है। महामारी फैलने की आशंका है।

घर से निकलना मुश्किल

कॉलोनी में रहने वाले लोगों के घर के गेट के सामने ही पानी का तालाब बन गया है। घर से निकलने से पहले उनको कई बार सोचना पड़ता है। पानी के साथ ही गंदगी इतनी है कि अगर नगर निगम की टीम यहां तत्काल साफ-सफाई नहीं करती है तो महामारी भी फैल सकती है। लोगों ने कई बार साफ-सफाई के लिए नगर निगम से शिकायत की, लेकिन उनकी परेशानी दूर नहीं हो पा रही है। यहां रहने वाले लोगों का यह हाल पूरे साल बना रहता है।


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