केजीएमयू में डॉ केके सिंह की 12 साल बाद वापसी

2018-12-16T06:00:23Z

-सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कार्यपरिषद ने लिया ज्वाइन कराने का निर्णय

-एक विभाग के पदों पर दूसरे विभाग में रेजीडेंट की तैनाती का निर्णय

LUCKNOW : केजीएमयू की कार्यपरिषद ने 12 वर्षो से सस्पेंड चल रहे डॉ। केके सिंह को ज्वाइन कराने का निर्णय लिया है। विभिन्न आरोपों के कारण डॉ। केके सिंह सस्पेंड चल रहे थे। कार्यपरिषद ने शनिवार को उन्हें ज्वाइन कराने का निर्णय लिया है।

मामला कोर्ट में था

डॉ। केके सिंह को 12 वर्ष पहले विभिन्न मामलों में दोषी पाए जाने पर सस्पेंड किया गया था। उसके बाद से मामला कोर्ट में था। हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें आरोपों से बरी कर ज्वॉइन कराने का आदेश दिया था। जिसके बाद शनिवार को हुई इमरजेंट कार्यपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। रजिस्ट्रार राजेश कुमार राय ने बताया कि सस्पेंशन होने के समय वह जिस पोस्ट पर थे उन्हें उसी पोस्ट पर ज्वाइन कराया जाएगा। उधर डॉ। केके सिंह ने बताया कि पत्र मिलते ही वह केजीएमयू में ज्वाइन करेंगे।

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लागू होगा यूजीसी का रूल

केजीएमयू ने साहित्यिक चोरी रोकने के लिए यूजीसी की गाइडलाइन को लागू करने का निर्णय लिया है। रिसर्च मे कोई चोरी करके पेपर प्रस्तुत करता है तो अब यूजीसी के निर्देशों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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संविदा शिक्षकों का मामला शासन को

केजीएमयू में संविदा पर तैनात शिक्षकों को 90 हजार की जगह 1 लाख वेतन देने के मामले को शासन को भेजने का निर्णय लिया गया है। साथ ही रेडियोथेरेपी विभाग में संविदा पर मेडिकल फिजीसिस्ट रखने की अनुमति दी गई है। कुछ विभागों में रेजीडेंट डॉक्टर के पदों के खाली होने पर उन्हें दूसरे विभागों में स्थानांतरित कर उन पर नियुक्ति का भी निर्णय लिया गया है।


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