नाली का घटिया निर्माण निगम ने कराया ध्वस्त

2019-07-20T06:00:16Z

निर्माणाधीन नाली में घटिया सामग्री लगाने पर नाराज लोगों ने जमकर किया हंगामा

-पार्षद की शिकायत पर नगर आयुक्त व मुख्य अभियंता मौके पर पहुंचे

-जेई ने कराई जांच, दोयम दर्जे की ईट और सफेद बालू का हो रहा था प्रयोग

GORAKHPUR: बशारतपुर वार्ड नंबर 9 स्थित गांगुली टोला में बन रही नाली में घटिया सामग्री लगाने से नाराज लोगों ने शुक्रवार को जमकर हंगामा किया और काम को रूकवा दिया। इसकी शिकायत पर पार्षद ने मेयर और नगर निगम को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके नगर आयुक्त व इंजीनियर पहुंचे। जांच में सामने आया कि नाली में दोयम दर्जे की ईट लग रही और मौरंग के बजाए सफेद बालू का प्रयोग किया गया था। अफसरों ने तत्काल घटिया निर्माण ध्वस्त करवा दिया।

वार्ड नंबर नौ बशारतपुर में अर्जुन के मकान से शिव मंदिर होते हुए सुरेंद्र नाथ शुक्ला के अवास तक 48 लाख रुपए (अवस्थापना निधि) की लागत से सीसी रोड और नाली का निर्माण होना है। फर्म सुरेंद्र कंस्ट्रक्शन ने पांच दिन पहले नाली का निर्माण शुरू कराया। शुक्रवार को लोगों ने देखा कि पुरानी नाली पर दोयम दर्जे की ईट जोड़ी जा रही है। लोगों ने इसका विरोध किया तो ठेकेदार के मुंशी ने कहा, इससे ज्यादा गुणवत्तापूवर्क कार्य नहीं हो सकता। इसके बाद 40 से 50 की संख्या में लोग पार्षद राजेश तिवारी के घर जाकर हंगामा करने लगे। पार्षद ने तत्काल मेयर, नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह और नगर निगम के मुख्य अभियंता को मामले से अवगत कराया। करीब एक घंटे बाद नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता व क्षेत्र के जेई के साथ मौके पर पहुंचे। जेई ने जांच कर बताया कि नाली निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अगर नाली बनी तो महीने भर भी नहीं चलेगी। बार-बार फोन करने पर भी ठेकेदार मौके पर नहीं पहुंचा तो नगर आयुक्त ने निर्माण को ध्वस्त करा दिया।

ब्लैक लिस्ट होगी फर्म

नाली के निर्माण में लापरवाही बरतने और घटिया सामग्री लगाने जाने को लेकर नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने नाराजगी जताते हुए ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने उसकी फर्म को ब्लैक लिस्ट करते हुए वसूली का भी आदेश दिया है।

वर्जन

नाली के निर्माण में घटिया सामग्री लगाने पर ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए मुख्य अभियंता को जांच दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

सुरेश चंद, चीफ इंजीनियर नगर निगम


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