सिविलियन यूज के लिए भी टेक्नोलॉजी देगा डीआरडीओ

2018-11-15T06:00:51Z

- लाइफ साइंसेस, फूड टेक्नोलॉजी, मेडिसिन में डेवलप किए नए प्रोडक्ट्स को मेन्युफैक्चरिंग के लिए कंपनीज को देना शुरू किया

- स्पेसिफिक उपकरणों के डेवलपमेंट से लेकर टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और प्रोडक्शन के लिए 10 करोड़ का फंड कराएगा उपलब्ध

KANPUR@inext.co.in

KANPUR: देश की सुरक्षा के लिए मिसाइल, टैंक, तोप, राडार और अन्य डिफेंस प्रोडक्ट्स की टेक्नोलॉजी पर काम करने वाला डीआरडीओ अब आम लोगों के लिए रोजमर्रा की जरूरतों को भी पूरा करेगा। डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन) ने मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए टेक्नोलॉजी डेवलप कर इंडस्ट्री को ट्रांसफर करना शुरू किया है। डीआरडीओ की मैसूर में स्थित फूड रिसर्च लैब एक तरफ जहां खाने पीने से जुड़े नए प्रोडक्ट्स डेवलप कर रही है। वहीं लाइफ साइंसेस, मेडिसिन से लेकर इलेक्ट्रानिक्स और मैटेरियल साइंस से जुड़े कई उत्पाद भी डेवलप करने के बाद इंडस्ट्री को उत्पादन के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर कर देगी। वेडनसडे को सीएसए कैंपस में आयोजित यूपीडेक्स-2018 के उदघाटन में आए डीआरडीओ के डीजी डॉ.एस गुरुप्रसाद ने दैनिक जागरण आई नेक्स्ट रिपोर्टर से खास बातचीज के दौरान यह जानकारी दी।

इंडस्ट्री को मिलेगी डिफेंस की टेक्नोलॉजी

डीआरडीओ अभी आर्मी, नेवी, एयरफोर्स के अलावा मिसाइल, रडार, सबमरीन, स्टील्थ टेक्नोलॉजी से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है और लगातार इनसे जुड़ी नई टेक्नोलॉजी व प्रोडक्ट्स डेवलप कर कर रहा है। डॉ.एस गुरुप्रसाद ने बताया कि मेक इन इंडिया के तहत डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरीडोर में जो भी प्राइवेट सेक्टर कंपनियां आगे आएंगी। डीआरडीओ उनके साथ टेक्नोलॉजी के ट्रांसफर पर काम करेगा। इसमें से कई टेक्नोलॉजी तो सिविलियन यूज के लिए भी हैं। जैसे इलेक्ट्रोक्रोमिक विंडो हो या फिर मैटेरियल टेक्नोलॉजी के तहत स्टील व दूसरे मेटल्स को और बेहतर बनाने से जुड़ी नई तकनीक। डीआरडीओ की आरएंडडी का फायदा इंडस्ट्री को भ्ाी मिलेगा।

इन टेक्नोलॉजी पर हो रहा काम-

वेजीटेबल टेक्नोलॉजी व हाईब्रिड, बायोडीजल एंड बाय प्रोडक्ट्स, मेडिसनल एंड एरोमेटिक प्लांट्स, हर्बल प्रोडक्ट्स जैसे स्किन लोशन, हर्बल वुंड केयर क्रीम,एंटी सनबर्न क्रीम,हर्बल टी, एंटी एग्जिमा लोशन,हर्बल हेल्थ ड्रिंक,मशरूम स्पॉन,ग्रीन हाउस टेक्नोलॉजी.रेडी टू ड्रिंक जूस व बेवरेज,इंस्टेंट फूड मिक्स,रेडी टू ईट एपेटाइजर्स, जैम इत्यादि

टेक्नोलॉजी फंड से बढ़ेगी मेन्युफैक्चरिंग

-डिफेंस सेक्टर में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए डीआरडीओ ने शुरू की स्कीम

-टेक्नोलॉजी को डेवलप करने के बाद उसके उत्पादन के लिए इंडस्ट्री से हाथ मिलाए जाएंगे

-स्कीम के तहत डिफेंस से जुड़े कंपोनेंट के उत्पादन के लिए 10 करोड़ तक की होगी फंडिंग

- डिफेंस से जुड़े प्रोजेक्ट की कुल कास्ट के 90 फीसदी तक की वैल्यू को फंड किया जाएगा।

- आर्मी, एयरफोर्स और नेवी में यूज होने वाले 15 तरह के प्रोडक्ट्स के प्रोजेक्ट पर मदद मिलेगी।

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वर्जन-

हम सिविलियन यूज के लिए भी चीजें डेवलप कर रहे हैं। यह चीजें और टेक्नोलॉजी हम इंडस्ट्री को देगे। मेक इन इंडिया के तहत डीआरडीओ इंडस्ट्री को टेक्नोलॉजी ट्रांसफर कर रही है।

- डॉ.एस गुरुप्रसाद, डॉयरेक्टर जनरल, डीआरडीओ

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