क्योंकि सच करने हैं सपने

2014-06-07T07:00:12Z

- कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स के लिए इंडियन टीम में हुआ सेलेक्शन

- एनई रेलवे में पोस्टेड स्वाति कैंप में बहा रही पसीना

- स्वाति ने सेलेक्शन के बाद आई नेक्स्ट से फोन पर शेयर की खुशी

kumar.abhishek@inext.co.in

GORAKHPUR : पूरे व‌र्ल्ड में तिरंगा लहराना मेरा सपना है। इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए चाहे दिन-रात मेहनत करनी पड़े या फिर घर-परिवार छोड़ना पड़े। यह सोच है पटियाला में लगे कैंप में वेटलिफटिंग की प्रैक्टिस कर रही स्वाति सिंह की। जिन्होंने अपने सपने को सच करने के लिए फैमिली को शादी करने से भी मना कर दिया है। कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स के लिए इंडिया टीम में सेलेक्ट हुई वाराणसी की स्वाति सिंह एनई रेलवे में जॉब कर रही हैं। स्वाति की पोस्टिंग इस टाइम लखनऊ डिवीजन में है। पटियाला में प्रैक्टिस कर रही स्वाति ने इंडियन टीम में सेलेक्शन के बाद अपनी खुशी का इजहार फोन पर आई नेक्स्ट के साथ किया। स्वाति ने कहा कि उनकी मेहनत इस बार गोल्ड मेडल में जरूर बदलेगी।

जिम्नास्टिक से की थी स्टार्टिग

वाराणसी के रहने वाले केपी सिंह बिजनेसमैन हैं। केपी सिंह और आशा सिंह की चार बेटियों और एक बेटे में दूसरे नंबर की स्वाति को शुरू से ही खेल से लगाव था। इसे देखते हुए केपी सिंह ने स्वाति को स्टेडियम भेजना स्टार्ट कर दिया। जहां स्वाति ने जिम्नास्टिक में एडमिशन लिया और प्रैक्टिस शुरू कर दी। कुछ साल की मेहनत के बाद स्वाति स्टेट चैंपियन बन गई। मगर शहर में कोचिंग की कमी और सुविधा के अभाव को देखते हुए स्वाति ने जिम्नास्टिक छोड़ दिया और पावरलिफ्टिंग सीखना शुरू कर दिया। कई सीनियर खिलाडि़यों ने स्वाति से पावरलिफ्टिंग गेम छोड़ने को कहा तो कुछ लोगों ने मजाक भी बनाया, मगर स्वाति ने हिम्मत नहीं हारी और पावरलिफ्टिंग को ही अपनी सफलता की सीढ़ी मान कर प्रैक्टिस शुरू कर दी।

और बन गई वेटलिफ्टर

एक साल की मेहनत ने स्वाति को पावरलिफ्टिंग में मुकाम बनाने का मौका दे दिया। साउथ अफ्रीका में दम दिखाने के आधार पर स्वाति का सेलेक्शन साई (स्पो‌र्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) में हो गया। साई पहुंचकर स्वाति ने ख्00म् में पावरलिफ्टिंग भी छोड़ दी। अब उनका अगला टारगेट वेटलिफ्टिंग हो गया। स्वाति ने वेटलिफ्टिंग में भी जमकर मेहनत की और लखनऊ में प्रैक्टिस शुरू की। ख्008 में यूनिवर्सिटी मेडल के चलते स्वाति को एनई रेलवे में जॉब मिल गई। ख्008 में फोर्थ क्लास में ज्वाइन करने के बाद ख्0क्ख् में वह प्रमोशन पाकर क्लास फ् इंप्लाई हो गई।

पटियाला, लंदन की मेहनत का रंग दिखेगा ग्लासगो में

स्वाति की परफॉर्मेस को देखते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स के लिए सेलेक्शन हुआ है। स्वाति इससे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स ख्0क्0 में इंडिया को रिपे्रजेंट कर चुकी हैं। स्वाति ने बताया कि जुलाई ख्0क्ब् में ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में कॉमनवेल्थ गेम्स होना है जबकि सितंबर ख्0क्ब् में कोरिया में एशियन गेम्स होने हैं। जिसके लिए अभी पटियाला में कैंप चल रहा है। ख्ख् जून से इंडियन टीम का कैंप लंदन में लगेगा। स्वाति ने बताया कि इंडियन टीम में यूपी की तीन ग‌र्ल्स का सेलेक्शन हुआ है। स्वाति के अलावा पूनम यादव और वंदना भी इंडियन टीम में हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स के लिए स्वाति सिंह का सेलेक्शन इंडियन टीम में हुआ है। यह एनई रेलवे के लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं है। स्वाति इससे पहले ही टीम इंडिया को कॉमनवेल्थ गेम्स ख्0क्ब् में रीप्रजेंट कर चुकी है।

प्रेम माया, स्पो‌र्ट्स अफसर एनई रेलवे

Posted By: Inextlive

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