तो क्या मौतों का इंतजार करता है आबकारी विभाग

2019-02-13T06:00:46Z

-100 से अधिक मौतों के बाद जागा आबकारी विभाग

-एक वर्ष में सिर्फ 15 हजार लीटर पकड़ी थी अवैध शराब

बरेली- यूपी-उत्तराखंड में जहरीली शराब पीने से 100 से अधिक मौतों के बाद आबकारी विभाग की टीमें पूरे जिले में ताबड़तोड़ दबिशें दे रही हैं। इससे तो यही लगता है कि आबकारी विभाग जागने के लिए मौतों का इंतजार करता है। उससे पहले सबकुछ नॉर्मल चलता है। किसी ने शिकायत कर दी तो छापेमारी कर ली, नहीं तो कोई फर्क नहीं पड़ता कि जहरीली शराब बनाई जा रही है या फिर अवैध शराब की सप्लाई की जा रही है। आबकारी विभाग की टीमें लगातार दबिश तो दे रही हैं, लेकिन तीन दिन में सिर्फ ढाई सौ लीटर ही कच्ची शराब पकड़ सकी है। आने वाले दिनों में चुनाव है, जिसके चलते अवैध और कच्ची शराब की बिक्री और बढ़ सकती है।

एक वर्ष में सिर्फ इतनी कार्रवाई

आबकारी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीते वर्ष टीम ने कई जगह छापेमारी की। जिसमें 15 हजार लीटर अवैध शराब पकड़ी। इस अवैध शराब में ज्यादातर दूसरे राज्यों से लाकर बेची जा रही शराब है। इसके अलावा बची हुई कच्ची शराब है। बीते वर्ष एक-दो मामलों को छोड़ दिया जाए तो आबकारी विभाग की टीम ने कोई बड़ी छापेमारी तक नहीं की।

स्टाफ की कमी का रोना है जारी

पुलिस की तरह ही आबकारी विभाग भी स्टाफ की कमी का रोना रोता है। एक इंस्पेक्टर के पास काफी बड़ा एरिया होता है। ऐसे में सभी जगह दबिश देना मुश्किल होता है। बरेली में आबकारी विभाग में 52 जवानों का स्टाफ होना चाहिए, लेकिन स्टाफ आधे से कुछ ही ज्यादा है। स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए शासन से सभी जिलों से स्टाफ की डिटेल भेजी जा रही है।

आबकारी और पुलिस की मिलीभगत

जिस भी एरिया में अवैध शराब बनाने का धंधा चलता है, वहां की पुलिस और आबकारी टीम को जरूर पता चलता है, लेकिन सभी का महीना फिक्स होता है, जिसकी वजह से कोई छापेमारी नहीं होती है। आबकारी और पुलिस टीम छापेमारी तब करती हैं, जब शासन से अभियान चलाने का आदेश आता है। आदेश मिलते ही पुलिस को सभी ठिकाने नजर आ जाते हैं जो पहले कभी नजर नहीं आते या फिर जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है।

अब हो रही ताबड़तोड़ छापेमारी

अब आबकारी विभाग की टीम लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। शासन से अभियान चलाने का आदेश आया लेकिन पहले दिन सैटरडे रात कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब इस पर फजीहत हुई तो फिर संडे को दिन में संजय नगर से भारी मात्रा में अवैध शराब के ढक्कन, स्प्रिट व अन्य सामान बरामद कर लिया। उसके दूसरे दिन मंडे को कैंट के मिर्जापुर, क्यारा समेत आसपास के गांवों में छापेमारी कर 150 लीटर कच्ची शराब पकड़ी और लहन नष्ट कर दिया। उसके बाद मंडे रात और ट्यूजडे दिन में ताबड़तोड़ अभियान चलाया।

घर के अंदर बन रही शराब

ट्यूजडे को आबकारी टीम ने भोजीपुरा के कंचनपुर, बहेड़ी के गुंडवारा और फरीदपुर में ढाबों में चेकिंग की। यहां पर ढाबे के अंदर क्रेन में रखकर कच्ची शराब की सप्लाई की जा रही थी। इसके अलावा घर के अंदर गड्ढों के अंदर बर्तन दबाकर कच्ची शराब बनाकर बेची जा रही थी। इन जगहों से टीम ने करीब 79 लीटर कच्ची शराब के साथ 5 लोगों को पकड़ा है। जिसमें इनायतपुर फरीदपुर में ढाबा संचालक घासीराम, पप्पू, बहेड़ी के गुंडवारा गांव से मुकेश और मूलचंद और भोजीपुरा के कंचनपुर से प्रदीप उर्फ पप्पू को पकड़ा। जबकि कंचनपुर शराब का गढ़ है और यहां से रोजाना सैकड़ों लीटर कच्ची शराब की सप्लाई होती है।

यह हैं शराब के अड्डे

-कंचनपुर, गुंडवारा, बिरिया नरायनपुर, इनायतपुर, क्यारा, बभिया, मिर्जापुर, रामगंगा, विशारतगंज, व रामगंगा नदी के किनार के कई गांव।

यह हैं आबकारी के काम

-सरकारी दुकानों को ओपन करवाना

-अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाना

-कच्ची शराब की बिक्री न होने देना

-शराब की दुकानों पर शराब की बिक्री की निगरानी

-अधिक से अधिक राजस्व अर्जित करना

ऑडियो मैसेज से कर रहे अवेयर

शराब से मौतें हुई तो पब्लिक को अवेयर करने का भी काम शुरू हो गया है। आबकारी विभाग की ओर से एक ऑडियो जारी किया गया है। इस ऑडियो में बताया जा रहा है कि ये जी सुनते हो कि मेरी दोस्त के पति की मौत हो गई है। वह जहरीली शराब पीते थे। जहरीली शराब जानलेवा है। इसका सेवन न करें और जीवन से प्यार करें। अवैध अड्डों से मिलने वाली शराब जहरीली हो सकती है। इसमें मिथाइल हो सकता है, जिसकी थोड़ी मात्रा भी जानलेवा हो सकती है। इसके अलावा जहरीली शराब बेचने वालों को उम्रकैद और फांसी की सजा कर दी गई है। इसके अलावा पब्लिक से जहरीली शराब बिक्री की गुप्त सूचना भी मांगी जा रही है।

फैक्ट्स एंड फीगर

-52 पोस्ट हैं बरेली जिला आबकारी विभाग में

-36 पोस्ट हीं हैं फुल, बाकी सब खाली

-7 इंस्पेक्टर, 15 हेड कॉन्सटेबल, 15 कॉन्सटेबल हैं मौजूद

-500 दुकानें देशी और अंग्रेजी शराब की जिले में

-300 करोड़ की शराब बिकी थी पिछली वर्ष जिले में

-700 करोड़ शराब की बिक्री का इस वर्ष दिया गया है टारगेट

-15 हजार लीटर अवैध शराब पकड़ी पिछले वर्ष

-250 लीटर कच्ची शराब 3 दिन के अभियान में पकड़ी

आबकारी विभाग की टीमें अवैध शराब और कच्ची शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए छापेमारी करती रहती हैं। स्टाफ की कमी के चलते सभी जाना मुश्किल होता है। अभियान में भी धरपकड़ की जा रही है।

डीएन दूबे, जिला आबकारी अधिकारी


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