Navratri 2020: Maa Durga की कृपा से होगा कोरोना का नाश, जानें यह खास बात

Navratri 2020: Coronavirus जैसी महामारी को मिटाने और उससे बचाने के लिए पुराणों में भी कुछ ऐसे मंत्र मौजूद हैं जो हमें उस संकट से लड़ने और उसे हराने की ताकत देते हैं।

Updated Date: Mon, 30 Mar 2020 04:31 PM (IST)

कानपुर। Navratri 2020 : आजकल पूरा भारत Coronavirus के खतरे और संकट से खौफ में हैं। हर कोई यह सोच रहा है कि कैसे कोरोना वायरस को फैलने से रोका जाए और कैसे इस महामारी का इलाज किया जाए। WHO से लेकर तमाम डॉक्‍टर्स सभी इससे लडने में जुटे हुए हैं, फिर भी महामारी तेजी से लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही हैं। दुनिया में महामारियां पहले भी आती रही हैं और तक ईलाज के साथ साथ हमारे ऋषि मुनियों ने पौराणिक मंत्रों से भी उसकी रोकथाम का प्रयास किया। ऐसे ही श्रीमार्कण्डेयपुराण में दुर्गा जी से जुड़े कुछ ऐसे मंत्रों का वर्णन किया गया है। जो खासतौर पर महामारी और रोगों से लड़ने और उन्‍हें हराने की ताकत रखते हैं। बस हमें जरूरत इस बात की है कि हम उन पर भी विश्‍वास करें और रोजाना उन मंत्रों को जब-तब पढ़ते या जाप करते रहें। हालांकि इस बात का हमेशा ध्‍यान रखें कि सरकार और डॉक्‍टर्स द्वारा दी गई सभी सलाह मानें, ताकि रोग का फैलाव न बढ़े।

Maa Durga देंगी महामारी से लड़ने की ताकत

माता दुर्गा तो वैसे भी सभी कष्टों का नाश करने वाली कही जाती हैं। माता दुर्गा के पावन पर्व नवरात्रि के दौरान जब आप इन मंत्रों का रोज कई बार जाप करेंगे, तो इन मंत्रों की ताकत और उनकी ऊर्जा कई गुना बढ़कर अपना असर दिखाएगी। इससे कोरोना जैसी महामारी से लड़ने की ताकत मिल सकती है।

यहां हम ऐसे ही दो प्रमुख मंत्रों की जानकारी दे रहे हैं जो महामारी और रोग नाश के लिए श्रीमार्कण्डेय पुराण में दिए गए हैं।

महामारी- नाश के लिये दुर्गा माता का मंत्र

ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।

दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।

नवरात्रि में मां दुर्गा के अचूक मंत्र, जो आपको बनाएंगे निरोगी और धनवान

Navratri 2020 Durga Aarti: नवरात्र में माता के हर रूप को अलग-अलग आरती से करें प्रसन्‍न

रोग-नाश के लिये दुर्गा मां का मंत्र

ॐ रोगानशेषानपहंसि तुष्टा

रुष्टा कामान् सकलानभीष्टान्।

त्वामाश्रितानां विपन्नराणां

त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति॥

विश्वव्यापी विपत्तियों के नाश के लिये मंत्र

देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद

प्रसीद मातर्जगतोऽखिलस्य।

प्रसीद विश्वेश्वरि पाहि विश्वं

त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य।।

Posted By: Chandramohan Mishra
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.