ट्रैफिक रूल तोड़ने में शहरी बाबू आगे

2019-02-28T06:00:12Z

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28

जनवरी से जिले में शुरू हुआ वाहनों का ई-चालान

2300

वाहनों का ई-चालान अब तक किया गया

1300

गाडि़यां शहरी क्षेत्र की हैं जिनका विभिन्न आरोपों में चालान हुआ

-ई-चालान के जरिए विभाग द्वारा चेक किए गए गाड़ी के रजिस्ट्रेशन में दर्ज अड्रेस से हुआ खुलासा

-मोबाइल पर भेजा जा चुका है मैसेज, अब चालान रसीद डाक से घर भेजने की है तैयारी

mukesh.chaturvedi@inext.co.in

PRAYAGRAJ: चौंकिए मत, ट्रैफिक रूल्स तोड़ने में गांव की अपेक्षा शहर के लोग सबसे आगे हैं। यह बात हम नहीं, ट्रैफिक पुलिस द्वारा किए गए ई-चालान के आंकड़े कह रहे हैं। दरअसल जिले में 28 जनवरी से ई-चालान की प्रक्रिया शुरू हुई। 28 जनवरी से लेकर अब तक कुल 2300 गाडि़यों का चालान किया गया। इनमें करीब 1300 गाडि़यां ऐसी हैं जो शहरी क्षेत्र की हैं। यह सब ई-चालान के बाद गाडि़यों के नंबर से विभाग द्वारा निकाले गए रजिस्ट्रेशन कागजात में दर्ज मालिकों के पते से साबित हुई है।

खुद जानें ई-चालान व नियम

ई-चालान के लिए ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने एक हाईटेक एप तैयार किया है

एप को ट्रैफिक पुलिस के मोबाइल पर लोड कर उनकी एक आईडी बना दी गई है

एप में पहले से ट्रैफिक नियम व जुर्माने की राशि का कॉलम फिक्स है

चालान अधिकारी द्वारा पकड़ी गई गाड़ी का नंबर प्लेट व चालक की फोटो एक में अटैच करते हैं

इसके बाद कमियों को कॉलम के सामने क्लिक करके अपलोड पर क्लिक करते हैं

अपलोड करते ही चालान की गई गाड़ी की सारी डिटेल एसपी ट्रैफिक के कम्प्यूटर में पहुंच जाती है

चालान में प्राप्त कमियां या रूल्स उल्लंघन व जुर्माना राशि की डिटेल एसएमएस से गाड़ी मालिक के मोबाइल पर पहुंच जाता है

अपने मोबाइल पर एसएमएस देख कर गाड़ी मालिक एसपी टै्रफिक के यहां जुर्माना राशि जमा सकते हैं

चालान के हफ्ते भर बाद डाक के जरिए गाड़ी मालिक के घर चालान रसीद विभाग खुद भेजेगा

करीब पंद्रह बीस दिन भी यदि जुर्माना नहीं जमा किया गया तो कागजात विभाग कोर्ट भेज देगा

यदि गाड़ी चालक ने मोबाइल नंबर व पता गलत बताया तो रजिस्ट्रेशन में दर्ज पते पर चालान रसीद भेजा जाएगा

थर्मल प्रिंटर आ जाने के बाद चालान करने वाले अधिकारी मौके पर ही रसीद भी दे देंगे

ऑनलाइन निकाल सकते हैं चालान

गाड़ी का ई-चालान होने के बाद मालिकों को चालान रसीद के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। चालान रसीद, मौके पर मिली कमी, लगाई गई पेनाल्टी स्वयं ऑनलाइन देखा जा सकता है। इसके लिए गूगल पर www.e-chalan web.govt.in लिखना पड़ेगा। इसे लिखते ही सामने एक चार्ट होगा। इस चार्ट पर चालान स्टेटस कॉलम है। इस कॉलम में गाड़ी नंबर डालकर उसके नीचे कॉलम स्व जनरेट कोड लिख दें। ऐसा करते ही चालान रशीद स्क्रीन पर सामने होगी। यह प्रक्रिया मोबाइल पर भी की जा सकती है। अब प्रिंट चाहिए तक बगल में बने प्रिंटर पर क्लिक कर रसीद ली जा सकती है।

कुछ प्रैक्टिकल प्रॉब्लम्स हैं। शहर के लोग सोचते हैं कि बस दो कदम ही है, होकर लौट आएंगे। जबकि गांव के लोगों में डर होता है कि उन्हें शहर जाना है। पकड़े जाने जाने पर जुर्माना तो लगेगा ही, भागदौड़ भी करनी पड़ेगी। शायद यही वजह है कि ई-चालान में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली गाडि़यों की संख्या कम है।

-कुलदीप सिंह, एसपी ट्रैफिक


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