शहर से गायब होंगे ईरिक्शा व डीजल टेंपो

2018-11-12T06:01:00Z

शहर में बिना रजिस्ट्रेशन ई-रिक्शा और ग्रामीण इलाकों से आने वाले टेंपो होंगे सीज

dhruva.shankar@inext.co.in

PRAYAGRAJ: कुंभ मेला के मद्देनजर शहर में बिना रजिस्ट्रेशन के दौड़ रहे ई-रिक्शा वालों के खिलाफ प्रशासन ने अपनी नजरें टेढ़ी कर दी है। कमिश्नर डॉ। आशीष कुमार गोयल के निर्देश पर आरटीओ आफिस और ट्रैफिक पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से बिना रजिस्ट्रेशन ई-रिक्शा वालों की धरपकड़ के लिए सोमवार से न केवल अभियान शुरू करने जा रहा है बल्कि शहर के प्रमुख चौराहों से लेकर गली-मोहल्लों तक में घुसकर उन्हें पकड़कर सीज करने की तैयारी है। यही नहीं अनधिकृत रूप से शहर की सीमा में प्रवेश करने पर डीजल वाले टेंपो को भी बंद किया जाएगा।

एजेंसी भी होगी ब्लैक लिस्टेड

शहर में ई-रिक्शा की सेल करने वाली पचास एजेंसियां हैं। पिछले डेढ़ वर्षो में एजेंसियों के जरिए सात हजार ई-रिक्शा खरीदे गए हैं। इसमें से सिर्फ दो हजार ई-रिक्शा संचालकों ने ही विभाग में रजिस्ट्रेशन कराया है। एआरटीओ प्रशासन डॉ। सियाराम वर्मा ने बताया कि सभी एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि अब ई-रिक्शा सेल करते हैं तो उसका रजिस्ट्रेशन भी कराएं अन्यथा संबंधित एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।

एसपी ट्रैफिक से बात, स्थान चिहिन्त

अभियान चलाने के दौरान पकड़े जाने वाले ई-रिक्शा और डीजल वाले टेंपों को सीज करने के बाद उन्हें खड़ा करने के लिए आरटीओ को परेशान नहीं होना पड़ेगा। स्थान को लेकर एआरटीओ प्रवर्तन रविकांत शुक्ला व एसपी ट्रैफिक कुलदीप सिंह के बीच निर्णय लिया गया है। श्री शुक्ला ने बताया कि वार्ता में तय हुआ है कि जिस एरिया में वाहनों को पकड़ा जाएगा उन्हें संबंधित एरिया के थाने में सीज किया जाएगा।

कुंभ मेला का आयोजन नजदीक आ गया है। कमिश्नर के निर्देश पर पहले भी कार्रवाई की गई थी लेकिन इस बार शहर से पूरी तरह से बिना रजिस्ट्रेशन वाले ई-रिक्शा को बाहर कर दिया जाएगा।

डॉ। सियाराम वर्मा, एआरटीओ प्रशासन

सोमवार से व्यापक स्तर पर ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर बिना रजिस्ट्रेशन के ई-रिक्शा व डीजल वाले टेंपो के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए पांच टीमों का गठन किया गया है।

रविकांत शुक्ला, एआरटीओ प्रवर्तन

3000

टेंपो हैं शहर में ग्रामीण इलाकों से प्रवेश करने वाले डीजल वाले

200

ई-रिक्शा ने आरटीओ आफिस में रजिस्ट्रेशन कराया है

4000

हजार हजार ई-रिक्शा का संचालन शहर में किया जा रहा है

05

टीमें गठित की गई हैं वाहनों की धरपकड़ के लिए


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