शहर को कैसे बचाओगे इबोला से

2014-08-12T07:02:36Z

- जानलेवा बीमारी के महज नाम से शहर में फैल रही सनसनी

- बमरौली एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर नहीं है जांच के इंतजाम

जानलेवा बीमारी के महज नाम से शहर में फैल रही सनसनी

- बमरौली एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर नहीं है जांच के इंतजाम

ALLAHABAD: ALLAHABAD@inext.co.in

ALLAHABAD: जानलेवा बीमारी इबोला के नाम से शहर में सनसनी फैलने लगी है। जिधर देखो इसकी चर्चा का बाजार गर्म है। इबोला को लेकर देशभर में एलर्ट जारी कर दिया गया है लेकिन राहत व बचाव की हकीकत क्या है? यह सभी जानते हैं। दूर-दराज से आने वाले यात्रियों की जांच के कोई खास इंतजाम नहीं होने से संक्रमण आसानी से शहर में प्रवेश कर सकता है। उधर, स्वास्थ्य विभाग अपनी ओर से भी राहत के कोई कदम नहीं उठाए हैं।

नहीं है जांच के इंतजाम

चेन्नई एयरपोर्ट में भले ही अफ्रीकी देश से आने वाले युवक के संक्रमण की जांच की गई हो लेकिन बमरौली एयरपोर्ट में चिकित्सकीय जांच की ऐसी कोई सुविधा नहीं है। अगर कोई बाहर से आता भी है तो वह आसानी से शहर में एंट्री कर सकता है। इसी तरह रेलवे स्टेशन पर भी पैसेंजर्स का फीवर और इंफेक्शन की जांच के लिए न तो सेंसर लगे हैं और न ही इसके इतर विशेष इंतजाम। तीन साल पहले स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ने पर एक दर्जन से अधिक मरीज चपेट में आए थे, जिनमें से एक की मौत हो गई थी। उस दौरान भी एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच पर प्रशासन एलर्ट नहीं हुआ था।

सरकारी कागज आने पर होगी कार्रवाई

देशभर में इबोला को लेकर एलर्ट जारी होने के बावजूद प्रदेश सरकार ने अभी स्वास्थ्य विभाग को कोई निर्देश नहीं भेजा है। चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ। पदमाकर सिंह का कहना है कि ऊपर से निर्देश आने का इंतजार है। बावजूद इसके जल्द ही हॉस्पिटल्स को एलर्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एपिडेमिक सेल में अलग से एक सेल का गठन किया जाएगा। अगर शहर में कोई व्यक्ति अफ्रीकी देशों से आ रहा है तो इसकी जानकारी दी जाए। ताकि, उसकी जांच कराई जा सके।

बिन बुलाई आफत है इबोला

अफ्रीकी देशों में तबाही मचा रहे इबोला वायरस से संक्रमित 90 फीसदी मरीजों की मौत हो जाती है। यह लाइलाज है। वायरस व्यक्ति के पसीने, लार, बॉडी फ्लूड्स और संक्रमित सुई समेत मरीज के शव से भी फैल सकता है। दुनियाभर के देशों में इन देशों से आने वाले व्यक्तियों पर नजर रखी जा रही है। अब तक इस बीमारी से इन देशों में कईयों की मौत हो चुकी है। लाइलाज बीमारी से संक्रमित मरीज को दूसरों से अलग रखा जाता है। हालांकि अमेरिका ने इससे बचाव के टीके के बनाए जाने का दावा किया है।

ये हैं लक्षण

शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाने से तेज बुखार, हेडेक, ज्वाइंट पेन, सोर थ्रोट, पेटदर्द, उल्टी-दस्त सहित ब्लीडिंग होना। शुरुआती दो से तीन सप्ताह तक वायरस की मौजूदगी का पता नहीं चलता है।


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