लोकसभा चुनाव लड़ने वालों पर लटकी आयोग की तलवार

2019-06-25T06:00:08Z

- 8 जुलाई तक देना होगा चुनाव लड़ने वाले कैंडीडेट्स को खर्च का ब्यौरा

- लेखा-जोखा उपलब्ध न कराने पर उन्हें कर दिया जाएगा डिस्क्वालिफाई

DEHRADUN: जिला निर्वाचन अधिकारी व आरओ टिहरी गढ़वाल संसदीय क्षेत्र के अनुसार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 77 के तहत चुनाव लड़ने वाले हर कैंडीडेट को रिजल्ट घोषित होने के 30 दिनों के भीतर चुनाव खर्च का ब्यौरा देना होगा। जिसमें चुनाव खर्च लेखा पंजिका, खुद हस्ताक्षरित व क्रमांकित बाउचर्स, निर्वाचन व्यय के लिये खोला गए बैंक एकाउंट की डिटेल, शपथ पत्र आदि की फोटो कॉपी दाखिल करनी जरूरी है।

टिहरी सीट से कई कैंडीडेट्स हैं शामिल

जिला निर्वाचन अधिकारी एसए मुरुगेशन के अनुसार निर्धारित समयसीमा के भीतर चुनाव खर्च का लेखा न देने वालों को केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा डिस्क्वालिफाई किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सूचना दिए जाने के बाद भी टिहरी गढ़वाल संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले कैंडीडेट्स ने अपना लेखा-जोखा दाखिल नहीं किया है।

ये कैंडीडेट्स हैं शामिल

- यूकेडी (डेमोक्रेटिक)के कैंडीडेट अनु पंत

- सर्व विकास पार्टी के गौतम सिंह बिष्ट

- यूकेडी के जय प्रकाश उपाध्याय

- निर्दलीय मधुशाह

कैंडीडेट्स को आयाेग की आखिरी मोहलत

जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ऐसे सभी कैंडीडेट्स जिन्होंने चुनाव खर्च का लेखा-जोखा 22 जून तक दाखिल नहीं किया है। वे केंद्रीय चुनाव आयोग निर्वाचन सदन अशोक रोड, नई दिल्ली को अपना लिखित आवेदन प्रस्तुत करेंगे। जिसकी कॉपी जिला निर्वाचन अधिकारी व रिटर्निंग अधिकारी टिहरी गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र को भी सौंपनी होगी। आठ जुलाई तक मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय दून में इसे जमा करना होगा। ऐसा न करने पर कैंडीडेट को केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 10-क के तहत उन्हें डिस्क्वालिफाई कर दिया जाएगा।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.