बहेड़ी में हाथियों का खौफ वन दरोगा को पटकपटक कर मार डाला

2019-07-04T06:01:09Z

यह भी जानें

-27 जून को हाथियों ने किसान को कुचलकर मार डाला था

- 28 जून को वन विभाग की टीम ने हाथियों को खदेड़ दिया था

-1 जुलाई को बहेड़ी में फिर से देखे गए थे हाथी

-2 जुलाई को वन विभाग ने शुरू की थी कांबिंग

-2 जुलाई को रामपुर में एक युवक पर किया था हमला

-3 जुलाई को वन दरोगा को कुचलकर मारा

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- ग्रामीणों की सूचना पर गांव तिकड़ी में पहुंची थी रामपुर वन-विभाग की टीम

-एक सप्ताह पहले किसान को कुचलकर मार डाला था, दहशत में लोग

बरेली: जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाथियों की चलहकदमी और दो लोगों की मौत के बाद लोगों में दहशत है। वेडनसडे को सूचना पर वन विभाग की टीम हाथियों को खदेड़ने पहुंची थी। गुस्से में हाथियों ने वन विभाग के दरोगा पर हमला बोल दिया। जब तक बाकी लोग कुछ समझ पाते हाथियों ने पटक-पटक कर मार डाला। वन दरोगा को गंभीर हालत में भोजीपुरा स्थित राममूíत मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।

अचानक हुए हमलावर

रामपुर जिले की सीमा के निकट बहेड़ी तहसील के थाना शीशगढ़ के गांव तिकड़ी में सुबह करीब दस बजे कुछ लड़के नदी में नहा रहे थे। तभी लड़कों ने नदी किनारे चहलकदमी कर रहे दो हाथियों को देखा। वे शोर मचाते हुए गांव की तरफ दौड़े और अन्य लोगों को जानकारी दी। ग्राम प्रधान ने सूचना पुलिस व वन-विभाग को दी। एसओ शीशगढ़ श्याम सिंह तथा रामपुर वन-विभाग के डीएफओ एके कश्यप टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने हाथियों को हांकना शुरू किया ही था कि अचानक से हमलावर हो गए।

हवाई फायरिंग कर भगाया

हाथियों ने वन विभाग की टीम को दौड़ा लिया। हाथियों के हमले से मौजूद लोगो में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग जान बचाने के लिए नदी में कूद गये। हाथियों से बचने के लिए वापस दौड़े वन दारोगा हेमंत कुमार (35) को एक हाथी ने रोक लिया। उन्हें सूंड़ से उठाकर कई बार जमीन पर पटक दिया। खतरा देखकर एसओ श्याम सिंह ने सर्विस रिवाल्वर से दो राउंड हवाई फाय¨रग कर हाथियों को दूर किया। पर इससे पहले ही हेमंत हाथियों के हमले में बुरी तरह घायल हो चुके थे। उन्हें तुरंत ही गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां एक घंटे चले इलाज के बाद उनकी मौत हो गई। उधर बरेली वन-विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई।

उत्तराखंड से वापस लौटे हाथी

बीते दिनों हाथियों के आतंक की सूचना पर वन विभाग की टीम ने हाथियों को उत्तराखंड की तरफ खदेड़ दिया था। डीएफओ भरत लाल ने इसकी पुष्टि करते हुए किसानों से सतर्कता बरतने को कहा था। उन्होंने कहा था कि हाथी अभी इतनी दूर नहीं गए हैं कि वे वहां से लौट न सकें, इसलिए खतरा अभी टला नहीं है।

किसान की भी हुई थी मौत

27 जून थर्सडे को बहेड़ी में हाथियों ने किसान को कुचलकर मार डाला था। दोनों हाथी पीलीभीत के जंगल से भागकर थर्सडे तड़के बहेड़ी पहुंचे थे। खेतों में फसल बर्बाद कर रहे हाथियों को भगाने के लिए गांव वालों ने पटाखे दागे और शोर मचाया तो हाथी गांव वालों पर ही हमलावर हो गए। इसी दौरान एक किसान को हाथी ने पैरों तले रौंद दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

रामपुर में भी किया था हमला

वेडनसडे को तिकड़ी में आने से पहले हाथियों ने रामपुर के शांति नगर में एक व्यक्ति घूमने निकला था, जिस पर हाथियों ने अचानक हमला कर दिया। उसको गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं दो से तीन दिन पहले रुद्रपुर में संजय भट्ट सेल्फी ले रहा था। तभी उस पर हाथियों ने हमला कर दिया था, जिससे वह भी घायल हो गया था।


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