बरेली ट्रेनों के एसी कोच में पैसेंजर्स को हो रही एलर्जी

2019-02-18T09:51:40Z

- ट्रेनों के एसी कोच में कंबल, चादर और तकिया दे रहा बीमारी

- कई पैसेंजर्स को हो रही प्रॉब्लम, करा रहे अपना इलाज

BAREILLY : केस:1
शहर के ग्रीन पार्क में रहने वाले आरयू गेस्ट लेक्चरर परिवार के साथ गोरखपुर गए थे। वहां से वह 14 फरवरी को वापस ट्रेन के एसी कोच में बैठकर आए। उनके साथ परिवार के अन्य मेंबर्स भी थे। यात्रा के दौरान रात में ठंड लगी तो परिवार की एक महिला ने रेलवे का कंबल यूज किया। बरेली आने के बाद वह ट्रेन से उतरीं तो उन्हें शहर पर खुजली महसूस होने लगी। सुबह तक महिला को शरीर में एलर्जी जैसी समस्या हो गई। परेशानी इतनी बढ़ी की महिला को हॉस्पिटल में एडमिट कराना पड़ा।

 

केस:2
शहर के कस्बा बहेड़ी निवासी अमिर ने बताया कि वह 13 फरवरी को बरेली से लखनऊ ट्रेन के एसी कोच में गए थे। रास्ते में तो ठीक रहे लेकिन लखनऊ पहुंचकर स्किन एलर्जी की समस्या हो गई। इस पर उन्होंने वहां डॉक्टर को दिखाया, दो दिन दवा ली इसके बाद आराम मिला तो वह वहां से 16 फरवरी को वापस आए। उन्हाेंने बताया कि वह वापसी में स्लीपर कोच में सफर करके वापस आए हैं।

ट्रेनों में आराम के लिए एसी में सफर करना पैसेंजर्स को भारी पड़ रहा है। एसी कोच में सफर के दौरान रेलवे की चादर, कंबल और तकिया यूज करने से पैसेंजर्स को कई तरह की समस्याएं हो रही हैं। एसी कोच में सफर कर रहे पैसेंजर्स को एलर्जी के साथ घबराहट आदि की भी समस्या हो रही है। कई पैसेंजर्स इस समस्या के बारे में समझ नहीं पाते हैं और इस बारे रेलवे में शिकायत भी नहीं करते हैं। परेशानी होने पर वह निजी डॉक्टर्स से अपना इलाज कराते हैं।

बच्चों को सबसे अधिक प्रॉब्लम
पिछले माह की बात करें तो चार से अधिक मामले एसी कोच में सफर करने वाले पैसेंजर्स को एलर्जी होने के आ चुके हैं। 14 फरवरी को ही एक मामला सामने आ चुका है। इनमें सबसे अधिक मामले बच्चों के ही आ रहे हैं। एसी कोच में सफर के दौरान बच्चे एलर्जी के सबसे अधिक शिकार हो रहे हैं। इसका रीजन है कि बच्चों की स्किन ज्यादा सेंसिटिव होती है। जैसे ही वह रेलवे के गंदे गद्दे, तकिया और कंबल के संपर्क में आते हैं उन्हें एलर्जी होने लगती है। सूत्रों की मानें तो रेलवे ने जिन ठेकेदारों को बेड रोल व लिनेन सफाई की जिम्मेदारी दी है वह चादर, कंबल और तकिया ढंग से साफ नहीं करते हैं.

 

एलजीर् के लक्षण

 

-नाक की एलर्जी-नाक में खुजली होना, छींके आना, नाक बहना और बार-बार जुखाम होना

-आंखों की एलर्जी- आंखों में लालिमा आना, आंखों से पानी आना और खुजली होना

-सांस की एलर्जी-खांसी सांस लेने में तकलीफ एवं अस्थमा जैसी गंभीर समस्या हो सकती है

-स्किन एलर्जी- स्किन पर खुजली होना, दाने निकलना, एक्जिमा सहित अन्य समस्या


बचाव के तरीके

 

 

-अपने असपास गंदगी न होने दें

-बंद जगहों पर रहने से बचें क्रास बंटीलेशन जरूरी

-जिन खाद्य पदार्थो से एलर्जी है उनका सेवन न करे

-एकदम गरम से ठंडे और ठंडे से गरम वातावरण में जाने से बचे

-धूप में दिखाएं गए और अच्छी तरह से साफ किए गरम कपड़े आदि यूज करें

-धूल मिट्टी वाले वातावरण से बचे

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-ऐसी कोच में कई बार हवा न आने से एलर्जी की समस्या हो जाती है। कोच में कई तरह के बीमार लोग भी सफर करते हैं, ऐसे में बीमार लोगों से भी स्वस्थ्य लोगों में संक्रमण का खतरा बन जाता है।

डॉ। वेद प्रकाश, रेलवे जंक्शन


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