- जिला औधानिक मिशन की ओर से आयोजित हुई राज्य स्तरीय किसान मेला और संगोष्ठी

- किसानों को बताए गए केला की खेती करने के तरीके और फायदे

- कृषि से जुड़े विभिन्न विभागों और कम्पनियों ने लगाए स्टाल

GORAKHPUR: बजट में वित्त मंत्री ने रासायनिक खेती छोड़कर जैविक खेती करने पर बल दिया। साथ सरकार की ओर से परम्परागत खेती छोड़कर अधिक मुनाफे वाली खेती करने पर जोर दिया जाता है, लेकिन लोगों का परंपरागत खेती से मोह नहीं छूट रहा। जिले में मशरूम, केला, सूरन आदि की खेती करने वाले किसानों के जीवन स्तर में तेजी से सुधार आया है। केले की खेती से किसान लागत से दोगुना मुनाफ ले सकता हे। ये दावा है राजकीय उद्यान और खाद्य प्रसंस्करण विभाग गोरखपुर का। गुरुवार को किसानों को जागरुक करने के लिए विभाग की ओर से किसान मेला आयोजित किया गया, जिसमें आधुनिक खेती के बारे में जानकारी दी गई।

डीएम ने किया मेले का शुभारंभ

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर से जिला औद्यानिक मिशन के तहत आयोजित कृषि मेले और गोष्ठी का शुभारंभ डीएम ओएन सिंह ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश की मिट्टी को केले और लीची की खेती के लिए उपयुक्त बताया। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में होने वाला गवरजीत आम पूरे देश में मशहूर है, जो अलग तरह का आम है। उन्होंने जिले में इसका भी उत्पादन बढ़ाने पर बल दिया।

स्टालों ने खींचा ध्यान

औद्यानिक मिशन के तहत आयोजित कृषि मेले और गोष्ठी के अवसर पर कृषि, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग और कृषि यंत्रों तथा कीटनाशक बनाने वाली कम्पनियों के स्टॉल लगाए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में आए किसान विभिन्न स्टॉलों पर जानकारी लेते दिखे। इसमें एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, इफको, मौन पालन योजना, यूपी इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन, हाईग्रोथ इंडिया फाउंडेशन आदि प्रमुख थे।

गोरखपुर के आसपास क्षेत्र में केले की खेती का क्षेत्रफल 10 हजार हेक्टेअर

गोरखपुर में केले की फसल का क्षेत्रफल 25 सौ हेक्टेअर

गोरखपुर में केला का कुल उत्पादन 750 से 900 कुंटल

केले से होने वाली आय 6.5 लाख से 7.5 लाख

केले की फसल में लगने वाली लागत 3 से 3.5 लाख प्रति हेक्टेअर

टिश्यू कल्चरल केला की खेती में सरकार की ओर से मिलने वाला अनुदान

लागत प्रति हेक्टेअर सरकारी अनुदान अनुदान की राशि

102462.00 40 परसेंट 30738.00

ये अनुदान टिश्यू कल्चरल केला पौध उर्वरक और जैव उर्वरक के रूप में ही दिया जाता है।

Posted By: Inextlive