अब EPFO के पास सेव होगा एंप्‍लॉइज का बैंक एकाउंट नंबर

2014-09-19T13:08:01Z

एंप्‍लॉइज प्राविडेंट फंड आर्गेनाइजेशन EPFO ने सभी कंपनियों के लिये अपने एंप्‍लॉइज के IFSC कोड के साथ बैंक एकाउंट नंबर उपलब्‍ध कराने को अनिवार्य कर दिया है इसका मकसद स्‍थायी प्राविडेंट फंड एकाउंट नंबर यूएएन आवंटन तथा उसके अंशधारकों को भुगतान आसान बनाना है

EPFO ने दिया आदेश
EPFO ने अपने 120 से अधिक क्षेत्रीय कार्यालयों से IFFC कोड के साथ कोर बैकिंग एकाउंट नंबर प्राप्त करने को कहा है, ताकि उसे पोर्टेबल स्थायी प्राविडेंट फंड एकाउंट नंबर (यूएएन) से जोड़ा जा सके. कार्यालय के आदेशानुसार,'सरकार ने यूएएन आवंटन को सुगम बनाने, ईपीएफ योजना, 1952 के उपयुक्त क्रियान्वयन तथा सदस्यता छोड़ने के बाद जमा राशि भुगतान में होने वाली कठिनाई को दूर करने के लिये सदस्यों से बैंक एकाउंट नंबर प्राप्त करने के बारे में निर्देश जारी किया है.'

यूएएन आवंटन में मिलेगी मदद

EPFO के केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त के.के.जालान ने कहा कि इस निर्देश से सभी सदस्यों को बैंक एकाउंट का ब्योरा प्राप्त करने में मदद मिलेगी, जो यूएएन को लागू करने के लिये जरूरी है. फिलहाल EPFO ने 1.80 करोड़ एंप्लॉइज का बैंक एकाउंट का ब्योरा प्राप्त किया है. इसके अलावा 86.9 लाख एंप्लॉयज का पैन तथा 28.2 लाख एंप्लॉइज का आधार नंबर प्राप्त किया है.
15 अक्टूबर से होगा शुरू
EPFO अपने 4.17 करोड़ अंशधारकों के लिये उनके स्थायी प्राविडेंट फंड एकाउंट नंबर को 15 अक्टूबर तक लागू करने के लिये प्रोसेस शुरू कर चुका है. इस सुविधा के अमल में आने पर किसी एंप्लॉइज के एक संस्थान से नौकरी छोड़ने के बाद दूसरी कंपनी में जाने पर प्राविडेंट फंड एकाउंट नंबर बदलने की जरूरत नहीं होगी. उसका प्राविडेंट फंड एकाउंट नंबर पहले वाला ही रहेगा. 

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