फेसबुक ने मानी बात ओप्‍पो समेत 4 चाइनीज मोबाइल कंपनियों के साथ यूजर्स का डेटा किया शेयर!

2018-06-06T15:58:43Z

कैंब्रिज एनालिटिका डेटा ब्रीच के बाद से फेसबुक पर कई बार यह आरोप लग चुके हैं कि वो यूजर्स का डेटा दूसरी टेक कंपनियों के साथ शेयर कर रहा है। ताजा मामले में कंपनी ने एक्‍सेप्‍ट किया है कि उसने चाइना की कई बड़ी मोबाइल कंपनियों के साथ यूजर्स का डेटा शेयर किया है।

फेसबुक ने चीन की कई कंपनियों के साथ यूजर्स का डेटा किया शेयर

न्यूयॉर्क (आईएएनएस)आजकल अमरीका समेत पूरी दुनिया में इस बात को लेकर बवाल मचा हुआ है कि क्या फेसबुक देश या विदेश की टेक कपंनियों के साथ अपने यूजर्स का डेटा शेयर कर रही है। यूजर्स के डेटा की प्राइवेसी को लेकर मचे इस बवाल के बीच फेसबुक ने स्वीकार कर लिया है कि वो चाइना की 4 बड़ी टेक और स्मार्टफोन कंपनियों के साथ यूजर्स का डेटा शेयर कर रही है। इन कंपनियों के नाम है हुवावे (Huawei), लेनोवो, ओप्पो और टीसीएल। फाइनेंसियल टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि फेसबुक में मोबाइल पार्टनरशिप डिवीजन के वाइस प्रेसीडेंट फ्रैंसिस्को वरेला ने कहा है कि दुनिया भर की तमाम टेक्नोलॉजी कंपनियां चाइनीज जायंट हुवावे के साथ मिलकर काम करती हैं। वरेला ने अपने बयान में कहा है कि फेसबुक ने Huawei, Lenovo, OPPO और TCL द्वारा बनाई जाने वाली मोबाइल डिवाइसेस में फेसबुक के बिल्ट को निंयत्रित तरीके से इंटीग्रेट करने को मंजूरी दी है। ताकि ग्राहकों को फेसबुक का बेहतरीन एक्सपीरियंस मिल सके।


दुनिया की 60 डिवायसेस पर पर्सनल डेटा एक्सेस की खबर के बाद फेसबुक ने किया खुलासा

फेसबुक के एक्सीक्यसूटिव ने अपने बयान में साफ कहा है कि हम यूएस कांग्रेस को साफ तौर पर कहना चाहते हैं कि चीन की इन टेक कंपनियों के साथ किए गए हमारे इंटीग्रेशन में शेयर किया गया कोई भी डेटा हुवावे के सर्वर पर स्टोर नहीं किया गया, बल्कि वो डेटा सिर्फ उनकी बनाई डिवाइसेस पर था। फेसबुक के अधिकारी ने कहा कि हम यह बात, न्यूयॉर्क टाइम्स के उस दावे के बाद बता रहे हैं, जिसमें कहा गया था कि फेसबुक कंपनी ऐपल, अमेजॉन, माइक्रोसॉफ्ट, सैमसंग और ब्लैकबेरी समेत दुनिया के 60 डिवाइस उत्पादकों के साथ यूजर्स को डेटा शेयर कर रही है। बता दें कि हुवावे की डिवाइसेस में फेसबुक यूजर्स के डेटा इंटीग्रेशन को लेकर FBI, CIA, NSA समेत अमरीका की कई सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो चुके हैं और वो पूरा सच जानने में जुटी हुई हैं।

हालत यह है कि एफबीआई डायरेक्टर क्रिस रे फरवरी में यह बयान दे चुके हैं कि हुवावे और ZTE की डिवाइसेस के कारण किसी भी सुरक्षा खतरे को लेकर वो काफी चिंतित हैं। तभी तो यूएस आर्मी ने हुवावे और जेडटीई की डिवाइसेस को पूरी तरह से बैन कर दिया है।

 

सालों पहले फेसबुक ने किया था ये डिवाइस इंटीग्रेशन

फेसबुक ने बताया है कि दुनिया भर की किसी भी डिवाइस और किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर फेसबुक को बेहतर ढंग से चलाने के लिए कंपनी ने करीब एक दशक पहले ये API बेस्ड डिवाइस इंटीग्रेशन लॉन्च किए थे, लेकिन वो सभी कॉमन इंट्रेस्ट में थे। फिलहाल पूरी दुनिया में ऐपल और एंड्रॉयड ही सबसे ज्यादा पॉपुलर हैं। इसलिए अब हम ये इंटीग्रेशन कम कर रहे हैं। तभी तो पिछले दिनों में फेसबुक ने 22 टेक कंपनियों के साथ अपना API इंटीग्रेशन खत्म कर दिया है।

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