इन फैक्टर्स की वजह से फेसबुक बदलने जा रहा अपना रैंकिंग सिस्टम पड़ेंगे ये प्रभाव

2019-05-07T17:10:09Z

फेसबुक ने ओरिजनल कंटेंट को प्रमोट करने और उससे बिजनेस करने वाले लोगों के लिए रास्ते और आसान बनाने का डिसीजन लिया। इसके लिए ये सोशल प्लेटफाॅर्म अपने वीडियो रैंकिंग सिस्टम को अपडेट करने जा रहा है

सैन फ्रांसिस्को (आईएएनएस)। ओरिजल कंटेट और वीडियोज जेनेरेट करने वाले कई लोग फेसबुक पर अपनी पोस्ट के जरिए बिजनेस चला रहे हैं। इन्हीं की वजह से लोगों को ओरिजनल और अच्छे पोस्ट पढ़ने या फिर देखने को मिलते हैं। वहीं इस सोशल नेटवर्क साइट ने ये डिसाइड किया है कि वो मौजूदा वीडियो रैंकिंग सिस्टम को अपडेट करेगी जिससे सर्च करने पर ओरिजनल वीडियोज पहले सामने आएं। इस अपडेट में कई सारे पहलुओं को ध्यान में रखा जाना है। वीडियो रैंकिंग अपडेट में बीते कई महीनों से सुधार किया जाने की प्लानिंग चल रही है। जब लोग किसी भी वीडियो को सर्च करेंगे तो रैंकिंग के हिसाब से जो ओरिजनल वीडियो होंगे वही सामने आएंगे। इससे दोनों लोगों को काफी फायदा पहुंचेगा एक जो वीडियो बनाने वाले हैं और दूसरे जो उनके पब्लिशर हैं।
तीन चीजों पर निर्भर करेगी रैंकिंग

फेसबुक अपने वीडियो रैंकिंग सिस्टम के अंतर्गत प्लान कर रहा है। वीडियो रैंकिंग के लिए तीन मानक होंगे- 1) लाॅयल्टी, 2) वीडियो और वाचिंग टाइम 3) और मौलिकता। ऐसे में जब यूजर वीडियो सर्च करेगा तो उसे ज्यादा वेट वाले रैंकिंग वीडियो दिखाए जाएं। इससे यूजर करीब 3 मिनट तक व्यस्ता बढ़ जाएगी। वहीं इनके बीते रैंकिंग सिस्टम की बात करें तो उसमें यूजर तकरीबन एक मिनट तक ही व्यस्त रहता था। फेसबुक के प्रोडक्ट मैनेजमेंट डायरेक्टर डेविड मिलर ने बताया इन तीन फैक्टर्स की वजह से बदलाव किए जाने हैं जिसका वीडियो रैंकिंग सिस्टम पर अच्छा असर पड़ेगा। पहली फैक्टर 'वफादारी और इरादा', दूसरी फैक्टर 'वीडियो और देखने वाले' और तीसरी फैक्टर 'ओरिजनलटी'। इन बदलावों से फेसबुक में वीडियो के डिस्ट्रीब्यूशन पर असर पड़ सकता है। साथ ही साथ न्यूज फीड पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना है।

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डुप्लीकेट कंटेट पर कसेगी लगाम
इन बदलावों के आने से फेसबुक पर अपलोड हुए वीडियोज को देखने वालों की टाइम लिमिट बढ़ जाएगी। ये फेसबुक पर ओरिजनल कंटेट अपलोड करने वालों के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है। दरअसल वीडियोज की ओरिजनलटी अब फेसबुक पर उनका की फैक्टर होगी जिन्हें सर्च करने पर रैंकिंग सिस्टम के तहत सबसे ऊपर दिखाया जाएगा। इसके अलावा फेसबुक काॅपीड वीडियोज पर लगाम भी करने वाला है। वहीं काॅपीड कंटेंट के लिए फेसबुक उसके डिस्ट्रीब्यूशन को रोकने और बंद करने का भी काम करेगा। अब ओरिजनल वीडियो अपलोड करने वालों के लिए ये एक प्रोफिटेबल प्लेटफाॅर्म साबित होगा।



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